गया।मशहूर टीवी धारावाहिक ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में ‘रोसेश साराभाई’ का यादगार किरदार निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता राजेश कुमार पितृपक्ष के मौके पर बिहार के मोक्षधाम विष्णुनगरी गया पहुंचे। यहाँ धर्मारण्य वेदी पर उन्होंने सुबह-सुबह अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान और तर्पण किया। इसके बाद उन्होंने सीताकुंड पहुंचकर दर्शन-पूजन किया।
इस अवसर पर मीडिया से खास बातचीत करते हुए राजेश कुमार ने कहा कि पितृपक्ष की शुरुआत में गयाजी आकर पिंडदान करना उनके लिए बेहद सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि इस बार का यह अवसर उनके लिए और भी विशेष बन गया। धर्मारण्य में नेपाल में हुई हालिया त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए भी विशेष रूप से प्रार्थना और पिंडदान किया गया।
जीवित से ज्यादा मृत परिजनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी
पिंडदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिनेता राजेश कुमार ने कहा, हम लोग जीवित परिजनों का तो पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन उससे दोगुनी जिम्मेदारी हमारी अपने मृत पूर्वजों के प्रति होती है। पितृपक्ष के ये 15 दिन अपने पितरों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे उत्तम समय है।
उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को साल में इन 15 दिनों का समय निकालकर अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण और याद जरूर करना चाहिए। कई लोग इस मौके का सही उपयोग नहीं कर पाते हैं, लेकिन जीवन में पितरों का आशीर्वाद होना बहुत जरूरी है।
घर आकर कैसा लगेगा? गया तो मेरा अपना शहर है
उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से गया के ही रहने वाले हैं। इसलिए अपने गृहनगर और जन्मभूमि पर आकर पिंडदान करना उनके लिए भावुक और अत्यंत सुखद क्षण है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान दूर-दूर से गया आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को यहाँ आकर आत्मिक शांति और खुशी का अहसास होता है।
कौन हैं राजेश कुमार
बिहार के गया जिले से ताल्लुक रखने वाले राजेश कुमार भारतीय टेलीविजन और हिंदी सिनेमा के एक जाने-माने चेहरे हैं। उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता कॉमेडी शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में ‘रोसेश साराभाई’ के किरदार और उनके अनोखे कविता वाचन के अंदाज से मिली। इसके अलावा उन्होंने ‘खिचड़ी’, ‘बा बहू और बेबी’, ‘नीली छतरी वाले’ और हाल ही में शाहिद कपूर की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ तथा ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों व सीरियल्स में बेहतरीन अभिनय किया है। अभिनय के साथ-साथ राजेश कुमार प्राकृतिक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) को बढ़ावा देने के लिए भी जाने जाते हैं।
