कोंच (गया)। प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ के पानी से धान की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निचले हिस्से में स्थित खेतों में पानी भर जाने से कई जगह धान की फसल खराब होकर खेत में ही गिर गई। किसानों के मुताबिक इस बार फसल की स्थिति शुरू में अच्छी थी, जिससे पैदावार बेहतर होने की उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ के पानी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। दूसरी ओर ऊंचे खेतों में धान की फसल अभी भी सुरक्षित और अच्छी स्थिति में है।
नरसिंहपुर गांव के किसान बिगन यादव ने बताया कि उन्होंने दो बीघा जमीन में धान की खेती की थी। बाढ़ का पानी खेत में लंबे समय तक जमा रहने के कारण पूरी फसल खराब हो गई। उनका कहना है कि एक ही इलाके में कुछ खेतों की फसल बर्बाद हो गई, जबकि ऊंचाई पर स्थित खेतों में धान लहलहा रहा है। प्रखंड के अन्य प्रभावित किसानों ने भी फसल नुकसान की बात कही है।
धान की फसल खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि खेती में पहले ही काफी खर्च हो चुका है और अब फसल नहीं बचने से कर्ज की राशि चुकाना भी मुश्किल होगा। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में खेतों का सर्वे कराकर वास्तविक क्षति का आकलन कराने और सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
