गया। शहर के प्रतिष्ठित महाविद्यालय मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज के रसायनशास्त्र विभाग द्वारा Understanding the biomolecular interactions of commonly used drugs (आमतौर पर उपयोग की जाने वाली दावों की जैव आणविक अतः क्रियाओं को समझना) विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया ।इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बायोकेमेस्ट्री विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ के प्रोफेसर (डॉ०) मो० ताबिश ने अपने विचार रखे । उनका स्वागत कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ० मोहम्मद अली हुसैन ने साल और मोमेंटो देकर किया । मुख्य वक्ता का परिचय रसायनशास्त्र विभाग के डॉ० मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया ।उन्होंने बताया कि प्रोफेसर ताबिश गया के ही रहने वाले हैं । विशेष व्याख्यान में अपनी बात को बहुत ही तार्किक और शोध पूर्ण तरीके से मुख्य वक्ता प्रोफेसर (डॉ०) मोहम्मद ताबिश ने रखा । उन्होंने प्रयोगशाला में किए गए अपने शोध व उसके निष्कर्ष के आधार पर दर्द निवारक दवाओं, कैंसर में प्रयुक्त होने वाली दवाओं के फायदे और उसके साइड इफेक्ट्स (नुकसान) पर विस्तार से प्रकाश डाला ।विशेष व्याख्यान में प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया । इसमें छात्र-छात्राओं के साथ-साथ प्राध्यापकों ने भी प्रश्न पूछे । उनके प्रश्नों का मुख्य वक्ता ने शोध के निष्कर्ष के आधार पर व्यावहारिक पक्ष को देखते हुए जवाब दिया । इस अवसर पर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान देने वाले छात्र-छात्राओं को भी प्रमाणपत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया । अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए काउंसिल मोहम्मद अशफाक अली ने कार्यक्रम की प्रशंसा की और इस तरह के कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । इस अवसर पर शासी निकाय के सचिव शबी आरफीन शमसी भी मौजूद रहे । उन्होंने कहा कि कॉलेज में एकेडमिक माहौल बनाना मेरी प्राथमिकता में शामिल है । इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए । महाविद्यालय प्रशासन की तरफ से पूरा सहयोग किया जाएगा । कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन रसायनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ० सैयद रागिब अहसन ने दिया । कार्यक्रम का संचालन रसायनशास्त्र विभाग की अध्यापिका इरफान नाहिद ने किया । इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे । राष्ट्रगान के साथ इस कार्यक्रम को समाप्त किया गया । इस कार्यक्रम की जानकारी कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ० इबरार खान और डॉ० अकरम वारिस ने दी ।