Tuesday, December 16, 2025
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26.7.2025 को डी एल एड 2024-26 सत्र के प्रशिक्षुओं द्वारा सत्र 2023-25 के प्रशिक्षुओं के लिए विदाई

गयाजी।गयाजी में दिनांक को 26.7.2025 को डी एल एड 2024-26 सत्र के प्रशिक्षुओं द्वारा सत्र 2023-25 के प्रशिक्षुओं के लिए विदाई समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस समारोह की थीम हरा-भरा पर्यावरण, स्वच्छ पर्यावरण रखा गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि पारंपरिक उपहारों के स्थान पर वरिष्ठ प्रशिक्षुओं को पौधों का उपहार देकर सम्मानित किया गया। यह पहल प्रकृति के प्रति प्रेम और सतत विकास का संदेश देने के लिए की गई। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रेरक संदेश साझा किए। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे हरियाली को बढ़ावा देंगे और स्वच्छ पर्यावरण बनाने में योगदान देंगे।

यह फेयरवेल केवल विदाई का क्षण नहीं था. यह एक नई सोच, एक नई परंपरा, और एक गहरी संवेदना का प्रतीक बन गया। जहाँ आमतौर पर विदाई के मौके पर आंखें नम होती है, वहीं इस फेयरवेल में हर विद्यार्थी के हाथों में एक छोटा सा पौधा था, जो विदाई के आंसुओं को हरियाती की उम्मीद में बदल रहा था। विद्यार्थियों को जो पौधे दिए गए, वे केवल उपहार नहीं थे। वे एक शिक्षक संस्था की ओर से उस प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक थे जो हम अपने प्रशिक्षुओं में देखना चाहते हैं। हर पौधा उस भरोसे का बीज है कि हमारे विद्यार्थी जहाँ भी जाएंगे, वहाँ एक हरित, सुंदर और सतत समाज की नीव रखेंगे। इस अवसर पर डापट गया के प्राचार्य डॉ अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि विदाई यह दर्शाता है कि अब आगे की तैयारी के लिए गंभीर होना होगा साथ जब शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान से पौधों के साथ विद्यार्थी विदा होते हैं, तो यह केवल प्रमाणा पत्र की नहीं, जीवन भर चलने वाली सीख की विदाई होती है।

डापट गया का यह प्रयास यह दर्शाता है कि हमारी शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। यह जीवन के उन मूल्यों की शिक्षा है जो एक बेहतर कल की बुनियाद रखते हैं, जैसे पर्यावरण-संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व, और आत्मिक जुड़ाव।

इस अनोखी विदाई में डायट गया ने यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं, बल्कि वह एक संवेदनशील और सतत समाज के निर्माण की आधारशिला है।

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