Saturday, March 21, 2026
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अमन और मोहब्बत का पैग़ाम देने वाले दरगाह बीथो शरीफ में 545वां वार्षिक उर्स 28 जनवरी से शुरू

बेलागंज।दरगाह बीथो शरीफ, गया जी, बिहार में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 08 से 12 शाबान तक आयोजित होने वाला हज़रत मख़दूम सैयद शाह दुर्वेश अशरफ़ रहमतुल्लाह अलैह का 545वां पांच दिवसीय वार्षिक उर्स महोत्सव आगामी 28 जनवरी से 1 फ़रवरी 2026 तक भक्ति, श्रद्धा और सूफियाना रिवायतों के साथ संपन्न होगा।
इस वार्षिक उर्स के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दरगाह बीथो शरीफ, खानक़ाह दुर्वेशिया अशरफ़िया चिश्तिया के सज्जादानशीन व मोतवल्ली हज़रत सैयद शाह अरबाब अशरफ़ साहब ने प्रेस को दी। उन्होंने बताया कि उर्स की शुरुआत 28 जनवरी (बुधवार) को ग़ुस्ल शरीफ़ व संदल पोशी से होगी, जिसमें गुलाब जल से मज़ार शरीफ़ को स्नान कराकर चंदन का लेप लगाया जाएगा और नई चादर चढ़ाई जाएगी।
29 जनवरी (गुरुवार) को दरगाह बीथो शरीफ से गन्नू बीघा स्थित दरगाह हज़रत मुबारक अशरफ़ रह॰ एवं इमली दरगाह तक ज़ियारत, हाज़री, क़ुल व चादरपोशी हेतु जुलूस काफ़िला निकलेगा।
30 जनवरी (शुक्रवार) को मग़रिब के बाद महफ़िले समा की क़व्वाली होगी तथा रात 9 बजे क़ुल शरीफ़, ख़िरक़ापोशी और चादरपोशी के बाद सुबह तक क़व्वाली का आयोजन किया जाएगा।
31 जनवरी (शनिवार) को ज़ोहर व अस्र के बाद क़ुल शरीफ़, मग़रिब के बाद चिराग़ा और उलेमा की तक़रीर होगी।
1 फ़रवरी (रविवार) को अंतिम क़ुल शरीफ़, चादरपोशी और विशेष दुआओं के साथ उर्स का समापन होगा।
उर्स के दौरान रोज़ाना फज्र के बाद क़ुरान ख़ानी होगी तथा 30, 31 जनवरी व 1 फ़रवरी को दोपहर 1 बजे से लंगर का वितरण किया जाएगा। भीड़ प्रबंधन एवं मनोरंजन हेतु प्रतिदिन अवामी स्टेज पर क़व्वाली मुक़ाबले का भी आयोजन होगा।
सज्जादानशीन साहब ने देश-प्रदेश से ज़ाएरीन व अकीदतमंदों से उर्स में शिरकत कर अमन, भाईचारे और सूफी परंपरा को मजबूत करने की अपील की है।

गद्दीनशी अरबाब अशरफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए

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