बेलागंज।बेलागंज प्रखंड के दलेलचक गांव निवासी एवं झारखंड पुलिस के जवान बिक्रम पाल उर्फ बिक्की का शव गुरुवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, बिक्रम पाल झारखंड के धनबाद पुलिस लाइन में कार्यरत थे। बुधवार की देर शाम ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह वापस पुलिस लाइन लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गुरुवार को जब उनका शव गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। हर किसी की आंखें नम थीं और परिवार के सदस्यों का विलाप माहौल को गमगीन बना रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि बिक्रम पाल के पिता रामाशीष यादव भी झारखंड पुलिस में कार्यरत थे। वर्ष 2015 में ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। इसके बाद बिक्रम पाल को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। बिक्रम पाल तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि बिक्रम पाल मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव में सभी से उनका अच्छा व्यवहार था। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
