Friday, July 24, 2026
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देश के विकास में हर नागरिक को आईटीआर भरना   जरूरी

मंगल आनंद मयंक  (सी.ए.)

गया |देश के विकास में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। इस भागीदारी का सबसे बड़ा और पारदर्शी प्रमाण है “आयकर रिटर्न” यानी आई टी आर  भरना। एम के एसोसिएट व  टैक्स कंसल्टैंट  के एम डी सह सी.ए. मंगल आनंद मयंक ने बताया कि अक्सर लोग आईटीआर  को सिर्फ नौकरी पेशा या व्यापारियों की जिम्मेदारी मान लेते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि आई टी आर  भरना एक नागरिक कर्तव्य के साथ-साथ हमारी आर्थिक सुरक्षा का भी आधार है।
देश निर्माण में योगदान-
सरकार जो सड़क, स्कूल, अस्पताल, रेल, बिजली और रक्षा पर खर्च करती है, उसका बड़ा हिस्सा हमारे द्वारा दिए गए टैक्स से ही आता है। जब हम समय पर आईटीआर  भरते हैं तो हम सीधे तौर पर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते हैं। आई टी आर  यह बताता है कि हमने कितनी आय अर्जित की और कितना कर सरकार को दिया। यह आंकड़ा ही बजट बनाने का आधार बनता है।
वित्तीय साख और ऋण के लिए जरूरी- 
आज के समय में बिना आई टी आर  के आप बैंक से होम लोन, कार लोन या बिजनेस लोन नहीं ले सकते। वीजा आवेदन, पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड और बड़ी बीमा पॉलिसी के लिए भी पिछले 3 साल का आईटीआर मांगा जाता है। अगर आपने
आई टी आर  नहीं भरा तो आपकी आय का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं होगा। इससे भविष्य में आपको आर्थिक परेशानी हो सकती है।
कई बार वेतन या निवेश पर टी डी एस  कट जाता है। यदि आपकी कुल आय कर सीमा से कम है तो वह पैसा आप आई टी आर  भरकर वापस ले सकते हैं। इसी तरह यदि व्यापार में घाटा हुआ है तो उसे आई टी आर  में दिखाकर अगले वर्षों के लाभ से समायोजित किया जा सकता है।
आई टी आर  नहीं भरने पर यह दोनों लाभ आपसे छूट जाएंगे।
कानूनी सुरक्षा और पारदर्शिता-
आईटीआर  आपकी आय का कानूनी सबूत है। संपत्ति खरीदने, कंपनी बनाने या किसी बड़े लेन-देन में आय के स्रोत पूछे जाने पर आईटीआर  ही सबसे मजबूत दस्तावेज है। यह आपको आयकर विभाग के नोटिस और पेनाल्टी से भी बचाता है। समय पर आईटीआर  नहीं भरने पर 1000 से 5000 रुपये तक का जुर्माना और ब्याज लग सकता है।
सरकारी योजनाओं और टेंडर के लिए अनिवार्य* 
सरकार की कई सब्सिडी, मुद्रा लोन और टेंडर प्रक्रिया में पिछले वर्षों का
आई टी आर  मांगा जाता है। किसान सम्मान निधि, स्टार्टअप योजना से लेकर बड़ी सरकारी योजनाओं तक में आई टी आर  को आय का प्रमाण माना जाता है।
लोग सोचते हैं कि अगर आय 2.5 लाख से कम है तो आई टी आर  भरने की जरूरत नहीं। लेकिन यदि आपने 50 हजार से अधिक बैंक में जमा किया, विदेश यात्रा की, या एक से अधिक बैंक खाते हैं, तो आई टी आर  भरना जरूरी हो जाता है। आज ऑनलाइन प्रक्रिया इतनी सरल है कि 15 मिनट में घर बैठे आईटीआर  फाइल किया जा सकता है।
आई टी आर  सिर्फ टैक्स विभाग का फॉर्म नहीं है, यह आपकी आर्थिक पहचान है। यह आपको एक जिम्मेदार नागरिक, एक भरोसेमंद कर्जदार और एक सशक्त उपभोक्ता बनाता है। “कर देंगे तो देश बनेगा” यह नारा तभी सार्थक होगा जब हम आई टी आर  को बोझ नहीं, बल्कि गर्व का विषय मानेंगे।
इसलिए हर साल 31 जुलाई से पहले अपना आई टी आर  अवश्य भरें। देश के विकास में अपना हिस्सा निभाएं और अपने भविष्य को भी सुरक्षित करें।

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