Tuesday, November 3, 2026
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हंसराज पब्लिक स्कूल की बिक्री के बाद 4 करोड़ का विवाद

22 साल की मेहनत से खड़ा किया था स्कूल, 24 करोड़ 51 लाख में हुई थी रजिस्ट्री, पूर्व निदेशक मनीष रूखीयार ने धोखाधड़ी और जालसाजी का लगाया आरोप, दूसरे पक्ष ने कहा- मनगढ़त है



गयाजी। गया शहर के समीर तकिया स्थित हंसराज पब्लिक स्कूल की बिक्री के बाद चार करोड़ रुपये के कथित वित्तीय विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को प्रेसवार्ता कर स्कूल के पूर्व निदेशक मनीष रुखियार ने स्कूल खरीदने वाले पक्ष पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत का आरोप लगाया।
मनीष रुखियार के अनुसार, उन्होंने 22 वर्षों की मेहनत से स्कूल को स्थापित किया था। स्कूल की बिक्री 24 करोड़ 51 लाख रुपये में तय हुई थी, जिसका एग्रीमेंट और रजिस्ट्री 16 नवंबर 2025 को कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के संचालन और अन्य खर्चों के नाम पर खरीदने वाले पक्ष ने उनसे चार करोड़ रुपये शॉर्ट टर्म लोन के रूप में लिए थे। छह महीने के भीतर यानी मई 2026 तक रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया था।



पूर्व निदेशक मनीष रुखियार ने धमकी देने और पूर्व कर्मचारियों पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पूरे लेन-देन से संबंधित बैंक स्टेटमेंट, एग्रीमेंट और बातचीत का वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और डीएसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।



वहीं, दूसरे पक्ष के प्रबंधन ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। प्रबंधन का कहना है कि यह ब्लैकमेल करने और संस्थान को बदनाम करने की कोशिश है। मामला पुलिस जांच के अधीन है और प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग करेगा। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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