गयाजी।दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मीडिया विभाग में कार्यरत सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिंद्य देब और उनके निर्देशन में शोध कर रहीं शोधार्थी छात्रा अलीशा पाठक को एसोसिएशन फॉर एजुकेशन इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (एईजेएमसी, 2025) द्वारा आयोजित होने वाले 108वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोध कार्य को प्रस्तुत करने के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मेलन 7 से 8 अगस्त, 2025 तक अमेरिका के सन फ्रांसिस्को में आयोजित होगी जहाँ दुनिया के विभिन्न हिस्सों से जनसंचार और मीडिया के विशेषज्ञ उपस्थित होंगे। इस उपलब्धि पर को कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, मीडिया विभाग के डीन एवं अध्यक्ष प्रो. के. शिवशंकर तथा विभाग के अन्य प्राध्यापकों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं | कुलपति प्रो के. एन. सिंह ने कहा कि शोधार्थी छात्रा अलीशा द्वारा उनके पर्यवेक्षक डॉ. अनिंद्य देब के मार्गदर्शन में अमेरिका में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और दूसरे छात्र भी इससे प्रेरित होंगे ।
जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि यह शोधकार्य भारत के डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के प्रयासों को सशक्त करते हुए कैंसर के मरीजों में भावनात्मक पीड़ाओं का अध्ययन करता है और वे अपनी भावनाओं को किस तरह सपोर्ट ग्रुप्स में रखते हैं उन पर प्रकाश डालता है। कैंसर जैसी बीमारियां से पीड़ित लोग समाज में एक अलग नज़र से देखे जाने लगते हैं, ऐसे में डिजिटल हेल्थ स्पेस के द्वारा उनकी भावनात्मक पीड़ा कुछ हद्द तक कैसे कम की जा सकती है यह ढूँढना शोध का प्रमुख उद्देश्य है। इस शोधकार्य के परिणामों से कैंसर मरीजों और उनकी देखभाल में लगे लोगों की भावनात्मक ज़रूरतों को बेहतर समझा जा सकता है और साथ ही डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जा सकता है। डॉ. देब द्वारा निर्देशित इस शोध कार्य को अलीशा 8 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय पटल पर रखेंगी जिससे कैंसर के उपचार के निदान को लेकर नए उपायों पर परिचर्चा होगी और इसके सकारात्मक परिणाम हासिल होंगे












