Thursday, March 5, 2026
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डोमिसाइल नीति पलायन को रोकेगा – पुष्पेंदु दांगी

बिहार में डोमिसाइल नीति लागू होने से राज्य के युवाओं को कई महत्वपूर्ण फायदे मिल सकते हैं। यह नीति विशेष रूप से सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से बनाई गई है।डोमिसाइल नीति का मतलब है, कि किसी राज्य की सरकारी नौकरियों में उस राज्य के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाए। यह विचार  सदस्य प्रदेश राजनीतिक सलाहकार समिति पुष्पेंदु दांगी ने दिया। जदयू नेता पुष्पेंदु दांगी ने कहा कि बिहार सरकार ने इसे शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (TRE-4 और TRE-5) में लागू किया है। शिक्षक भर्ती में 98% पद बिहार के मूल निवासियों के लिए आरक्षित होंगे और बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों की भागीदारी सीमित होगी, जिससे प्रतियोगिता कम होगी। जिन युवकों ने बिहार में पढ़ाई की है, जिनके माता-पिता बिहार के निवासी हैं, या जिनकी संपत्ति बिहार में है , उन्हें सीधे सीधे लाभ मिलेगा।बिहार के युवकों को नौकरियों में अवसर मिलने से पलायन रुकेगा और राज्य में रोजगार दर बढ़ेगी।स्थानीय शिक्षक नियुक्त होने से स्कूलों में स्थायित्व आएगा और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।लंबे समय से छात्र मांग कर रहे थे कि बिहार की नौकरियों में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को रोका जाए। यह नीति उनकी भावनाओं का सम्मान करती है।
नीतीश सरकार की पूरी कोशिश है कि डोमिसाइल नीति को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू की जाए।
आगे चलकर इस नीति को पुलिस, प्रशासन जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया जाएगा। बधाई देने वालों में विनोद कुमार, जितेंद्र दास, सोनम दास, पूनम कुशवाहा, प्रकाश राम पटवा, ज्योति दांगी ,अवध बिहारी पटेल, अनिल पटेल, अरुण राव, सुरेश राव, सुरेश विद्यार्थी, संजय चंद्रवंशी, नीतीश दांगी, सुरेंद्र चंद्रवंशी, भरत शर्मा, फिरोज अंसारी, अमरेश सिंह आदि हैं।

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