बोधगया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रकोष्ठ एवं आईक्यूएसी, मगध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के परिवर्तनकारी लक्ष्यों के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रयास में एक जीवंत “एनईपी जागरूकता रैली” का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों , शिक्षकों और आम जनता को शिक्षा में पहुँच, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य और जवाबदेही सहित एनईपी के प्रमुख सिद्धांतों से जोड़ना था।
रैली मानविकी संकाय से निकलकर विश्वविद्यालय परिसर में रंग-बिरंगे पोस्टरों, तख्तियों और नारों से विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।रैली में बड़ी संख्या में छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जागरूकता रैली में शामिल “सभी के लिए शिक्षा,नए भारत के लिए लचीली शिक्षा” और “एनईपी: समावेशी शिक्षा की ओर एक कदम” , “भारतीय ज्ञान विश्व की शान”, “रटने से हटो शिक्षा से जुडो”, नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
एनईपी समन्वयक डॉ. प्रियंका सिंह ने रैली में शामिल प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया एवं नीति कार्यान्वयन में जनभागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया। सारथी समन्वयक डॉ एकता वर्मा ने अपने सम्बोधन में “एनईपी को न सिर्फ़ एक दस्तावेज़ बताया, बल्कि भारत के शैक्षिक भविष्य के लिए एक दृष्टिकोण बताया तथा इसके सफल क्रियान्वयन के लिए छात्रों और शिक्षकों में जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। आईक्यूएसी, समन्वयक प्रो. मुकेश कुमार ने रैली को भारत के शैक्षिक परिवर्तन में समझ और भागीदारी को बढ़ावा देने के विश्वविद्यालय के एक बड़े अभियान का हिस्सा बताया ।
रैली के आयोजन में सभी सारथी मेंटर्स डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. पूनम सिंह, संस्कृत विभाग की सहायक आचार्य डॉ. ममता मेहरा, डॉ. कविता कुमारी एवं सारथी आशीष शंकर के साथ-साथ आइक्यूएसी के सहायक राज, प्रवीण सौम्या एवं संस्कृत विभाग के विकास कुमार की सराहनीय भूमिका रही।












