गयाजी।दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कृषि संकाय एवं विकास पीठ के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा सत्र 2025-29 के नवप्रवेशित कृषि स्नातक (ऑनर्स) के विद्यार्थियों हेतु दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह, अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष, कृषि संकाय द्वारा की गई।
जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, पटना तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अवनि कुमार सिंह, अध्यक्ष, आई.सी.ए.आर.-आर.सी.ई.आर, कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केन्द्र, रांची, झारखंड उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. अंजनी कुमार ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कृषि स्नातक उपाधि के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि रोजगारपरक शिक्षा है, जो खाद्यान्न उत्पादन, लघु व बृहत उद्योगों, एवं आर्थिक-सामाजिक विकास का आधार है। उन्होंने कृषि क्षेत्र को राष्ट्र की अर्थव्यवस्था एवं मानव कल्याण की रीढ़ बताया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनि कुमार सिंह ने कृषि उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं जैसे कि मृदा विज्ञान, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, सब्जी एवं पुष्प उत्पादन, फसल कटाई के बाद तकनीक आदि पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कृषि का संरक्षण, जलवायु संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों का विकास सीधे तौर पर कृषि शिक्षा पर निर्भर करता है। उन्होंने कृषि को मानव जीवन की तीन प्रमुख आवश्यकताओं – रोटी, कपड़ा और मकान – का मूल स्रोत बताया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रणव त्रिपाठी, सहायक प्राध्यापक, कृषि संकाय द्वारा किया गया। इस अवसर पर कृषि संकाय के अन्य सदस्यगण प्रोफेसर राम आशीष यादव, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डॉ. नीतीश कुमार, डॉ. विकल कुमार सिंह, एवं डॉ. गौतम कुमार भी उपस्थित रहे । धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रभात कुमार सिंह, प्राध्यापक, कृषि संकाय द्वारा ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम की तकनीकी सहायता श्री मनोज कुमार सिंह, प्रयोगशाला सहायक, कृषि विभाग द्वारा प्रदान की गई।












