वन स्टॉप सेंटर के महिला कर्मचारियों में असुरक्षा का माहौल
गया जी। कलेक्ट्रेट में स्थित वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर की अचानक तबियत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार को मानसिक तनाव के कारण साइलेंट अटैक आया। मिली जानकारी के अनुसार इस गंभीर हालत में उन्हें तुरंत जेपीएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसका इलाज जारी है और अस्पताल प्रशासन ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया है। प्रारंभिक जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर की तबीयत बिगड़ने का कारण मानसिक तनाव बताया जा रहा है। अमित की पत्नी ने बताया कि मेरे पति पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव और दबाव का सामना कर रहे थे। उसके बाद अचानक उनकी तबीयत कलेक्ट्रेट में कार्य करते समय बिगड़ गई। पत्नी ने बयान दिया है कि महिला विकास निगम (आईसीडीएस)के डीपीएम अजय कुमार उसे गाली गलौज कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। उसने यह भी डीपीएम पर आरोप लगाया कि 4 महीने से वेतन भुगतान नहीं किया है, जिससे उसके समक्ष आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। वेतन भुगतान के नाम पर गाली गलौज करते रहते हैं। मानसिक दबाव के कारण इनकी तबीयत बिगड़ी है। पारिवारिक होने के कारण घर का खर्च चलाने में परेशानी हो रही थी।
इधर पूछे जाने पर वन स्टॉप सेंटर की सेंटर प्रशासक आरती कुमारी ने भी डीपीएम पर वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों के साथ डीपीएम अभद्र भाषा का प्रयोग करते रहते हैं। जबकि कार्य दिवस के अलावे छुट्टी के दिन भी महिला कर्मचारी पूरे निष्ठा और समर्पण के साथ विभागीय कार्य करती हैं। इसके बावजूद भी गलत तरीके से पेश आते हैं। इनके गलत रवैए से महिला कर्मियों में असुरक्षा का माहौल है। वेतन भुगतान के नाम पर कर्मचारियों की उपेक्षा करते हैं। फाइल जमा करने के नाम पर भी मानसिक प्रताड़ित किया जाता है। इसकी लिखित शिकायत डीएम और महिला विकास निगम के पदाधिकारी को दिया हूं लेकिन अभी तक डीपीएम पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत महिला कर्मचारी भय और असुरक्षा के माहौल में कार्य कर रही हैं। डीएम से डीपीएम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।












