Friday, March 20, 2026
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मोतिहारी मेयर ने लगाया सनसनीखेज आरोप: राजनीतिक षड्यंत्र के तहत पदमुक्त करने की साजिश!

मोतिहारी।मोतिहारी की मेयर प्रीति कुमारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिला प्रशासन और कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मेयर का दावा है कि उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिसमें उन्हें और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को पद से हटाने की साजिश शामिल है। इस मामले में वार्ड संख्या 32 की पार्षद डॉली राज और उनके पति राकेश कुमार सिंह का नाम सामने आया है। मेयर के अनुसार, 26 जुलाई 2025 को रात 10:24 बजे राकेश कुमार सिंह ने अपने मोबाइल (8703134833) से मेयर प्रतिनिधि मनीष जायसवाल को एक इनक्वायरी डॉक्यूमेंट भेजा, जिसमें जिला अधिकारी, पूर्वी चंपारण द्वारा मेयर को पदमुक्त करने और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को हटाने की अनुशंसा की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस पत्र में कोई तारीख या पत्रांक अंकित नहीं था। मेयर ने सवाल उठाया कि उनके जवाब देने की समयसीमा से 22 दिन पहले यह गोपनीय दस्तावेज राकेश कुमार सिंह के पास कैसे पहुंचा?

शो कॉज नोटिस और समय की कमी:मेयर को 14 अगस्त 2025 को निगम कार्यालय से पत्रांक 1689 के तहत शो कॉज नोटिस मिला, जिसमें जवाब देने के लिए समय दिया गया। हालांकि, 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 16 अगस्त (जन्माष्टमी), और 17 अगस्त (रविवार) को कार्यालय बंद होने के कारण समयसीमा प्रभावित हुई। इसके बाद 18 अगस्त को पत्रांक 700 के तहत एक और नोटिस मिला, जिसमें 21 अगस्त तक जवाब मांगा गया। मेयर ने 18 अगस्त को 15 दिन का समय मांगते हुए पत्र भेजा था, लेकिन उन्हें मात्र 3 दिन का समय दिया गया। मेयर ने इसे अन्यायपूर्ण और साजिश का हिस्सा बताया।

राकेश कुमार सिंह पर धमकी का आरोप:मेयर ने आरोप लगाया कि राकेश कुमार सिंह ने उनके प्रतिनिधि मनीष जायसवाल को धमकी दी कि “जल्द ही मेयर पदमुक्त होने वाली है।” मेयर ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन और कुछ नेता पहले से ही उनके खिलाफ निर्णय ले चुके हैं? उन्होंने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया और मांग की कि लीक हुए सरकारी दस्तावेजों की जांच हो।

विकास कार्यों पर रोक और अन्य आरोप:मेयर ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उनके खिलाफ लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनके पति को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन उच्च न्यायालय से राहत मिली। इसके अलावा, वार्ड संख्या 18 के पार्षद धीरज जायसवाल उर्फ संजय जायसवाल द्वारा 5 मई 2025 को मेयर, उनके पति और 15 अन्य लोगों पर एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसका निगम कार्यों से कोई संबंध नहीं है। मेयर का कहना है कि इन सबके पीछे विकास कार्यों को बाधित करने और उनकी छवि खराब करने की मंशा है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में निगम ने पिछले बोर्ड की तुलना में 10 गुना अधिक कार्य किए हैं। NIT 05/2023-24 के तहत वार्ड 9 में 2 करोड़ और वार्ड 11 में 85 लाख रुपये के कार्य कराए गए। हालांकि, वार्ड 11 की सड़कों की जर्जर स्थिति और जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए 2 करोड़ से अधिक की योजनाओं का चयन किया गया था, लेकिन इन्हें रोक दिया गया। मेयर ने दावा किया कि 45 वार्डों में 56 करोड़ रुपये की योजनाओं पर षड्यंत्रपूर्वक रोक लगाई गई, जिससे जनता परेशान है।

मेयर का जनता से सवाल:मेयर ने जनता से पूछा, “क्या हमें इस साजिश के खिलाफ लड़ना चाहिए या चुप बैठ जाना चाहिए?” उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम जनता के वोट से चुने गए हैं और निगम के विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। मेयर ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और जनता से समर्थन मांगा है।

आगे क्या?

यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मेयर के आरोपों ने प्रशासन और कुछ नेताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में जांच कब और कैसे शुरू होती है और मेयर के खिलाफ चल रही कार्रवाई का क्या परिणाम निकलता है।


पूर्वी चम्पारण से आकाश कुमार की रिपोर्ट

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