गयाजी।दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कृषि विज्ञान विभाग द्वारा बीएससी (ऑनर्स) कृषि बैच 2025–29 के नवप्रवेशी छात्रों हेतु आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया | कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. राकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ प्राध्यापक, कृषि अर्थशास्त्र, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) शामिल हुए | उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. हरे कृष्ण, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर), वाराणसी उपस्थित रहे। जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह, अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष, कृषि संकाय ने की जिसमें छात्रों के साथ विभाग के अन्य प्राध्यापक उपस्थित थे | मुख्य अतिथि प्रो. राकेश कुमार सिंह ने अपने विशेष व्याख्यान में छात्रों को भारत में कृषि क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों एवं भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में उपलब्ध विविध करियर अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि अनुशासन, नियमित दिनचर्या और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने छात्रों को जीवन और शिक्षा दोनों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए समर्पण एवं निरंतरता अपनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. हरे कृष्ण ने अपने प्रेरक उद्बोधन में छात्रों को कृतज्ञता और सकारात्मक सोच को सफलता का मूल मंत्र बताया। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, दृढ़ निश्चय और धैर्य से जीवन की हर चुनौती पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा दी। विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह ने कहा कि विशेष सत्र नवप्रवेशी छात्रों के लिए प्रेरणादायी और मार्गदर्शक सिद्ध हुआ, जो उनके शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करेगा। इस अवसर पर कृषि विज्ञान विभाग के प्राध्यापक क्रमशः डॉ. राम आशीष यादव, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डॉ. प्रणव त्रिपाठी एवं श्री मनोज कुमार सिंह (प्रयोगशाला सहायक) सम्मिलित रहे। इनकी उपस्थिति एवं सहयोग से कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन कृषि स्नातक पंचम सेमेस्टर की छात्राओं शाम्भवी भारद्वाज एवं गुनगुन दास ने संयुक्त रूप से किया, जबकि रुचिर मनोहर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।












