Sunday, March 15, 2026
HomeBiharगया में एससी-एसटी अत्याचार पीड़ितों को 20 मामलों में 8 लाख रुपये...

गया में एससी-एसटी अत्याचार पीड़ितों को 20 मामलों में 8 लाख रुपये से अधिक की मुआवजा राशि स्वीकृत

गयाजी।गयाजी में एससी-एसटी अत्याचार पीड़ितों को 20 मामगयाजी।अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत पीड़ितों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने आज कुल 20 पीड़ित लाभुकों के लिए मुआवजा भुगतान का आदेश जारी किया। यह राशि सीधे पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने पर प्रथम किस्त के रूप में कुल ₹7,53,750 तथा 1 मामले में आरोप पत्र दाखिल होने पर द्वितीय किस्त के रूप में ₹50,000 की स्वीकृति दी गई है।

🟢 प्रथम किस्त (कुल 19 मामले – ₹7,53,750/-)

अलीपुर थाना क्षेत्र की रीमा देवी – ₹51,050

चेरकी थाना क्षेत्र के विजय मांझी – ₹25,150

गहलौर की पार्वती देवी – ₹50,150

धनगाई की रेखा सिंह – ₹51,050

टांकुप्पा के हरेंद्र मांझी – ₹25,150

बाराचट्टी के कुंदन कुमार – ₹25,150

वजीरगंज के दुलार पासवान – ₹25,150

टिकरी की जैमतिया देवी – ₹50,150

फतेहपुर के राजू कुमार – ₹50,150

मुफ्फसिल के बॉबी कुमार – ₹25,150

वजीरगंज की मीणा देवी – ₹25,150

मोहनपुर की गुजरी देवी – ₹25,150

मुफ्फसिल के शंभू पासवान – ₹50,150

बाराचट्टी की रिंकी कुमारी – ₹50,150

मुफ्फसिल की रवीना कुमारी – ₹50,150

बोधगया की चांदो देवी – ₹50,150

मोहनपुर के कामेश्वर दुसाध – ₹50,150

मोहनपुर की निशा कुमारी – ₹50,150

डेल्हा की ज्योति प्रकाश – ₹25,150


🟢 द्वितीय किस्त (कुल 1 मामला – ₹50,000/-)

टिकरी थाना क्षेत्र के प्रभु चौधरी को द्वितीय किस्त के रूप में ₹50,000 की राशि स्वीकृत।


अधिनियम के तहत प्रावधान

डीएम ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत पीड़ितों को राहत अनुदान किस्तों में दिया जाता है—

गाली-गलौज/अपमान (धारा 3(1)(r)(s)) – ₹1,00,000 (25% प्राथमिकी पर, 50% आरोप पत्र पर, 25% दोष सिद्धि पर)।

मारपीट/गंभीर चोट (धारा 3(2)(va)) – ₹2,00,000 (50,000 + 1,00,000 + 50,000)।

बलात्कार/सामूहिक बलात्कार – क्रमशः ₹5,00,000 व ₹8,25,000 (50% जांच के बाद, 25% आरोप पत्र पर, 25% दोष सिद्धि पर)।

हत्या/मृत्यु के मामले – ₹8,25,000 (50% शव परीक्षण के बाद, 50% आरोप पत्र पर) साथ ही परिवार को पेंशन, 5,000 रुपये तत्काल राहत एवं आश्रित को नौकरी का प्रावधान।


जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी पीड़ितों को समय पर राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

Most Popular

error: Content is protected !!