बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में नाकाम रही राज्य सरकार– मीना तिवारी*
केवल CBI जांच पर्याप्त नहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में हो निष्पक्ष जांच*
गयाजी।बेटी बचाओ न्याय यात्रा के तहत आज छात्र संगठन आइसा और महिला संगठन ऐपवा की टीम गया पहुंची जहां वजीरगंज, मानपुर, गया टाऊन, पंचानपुर और टिकारी में जन संवाद किया गया।
गया शहर में गांधी मैदान धरना स्थल पर आयोजित जन संवाद को ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी, आइसा राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमार, ऐपवा जिला सचिव रीता वर्णवाल, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष धनंजय ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माले जिला सचिव निरंजन कुमार व संचालन नगर प्रभारी तारिक अनवर ने किया।
जन संवाद को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह असफल रही है। NEET छात्रा कांड मामले में अपराधियों को बचाने के लिए प्रशासनिक तंत्र सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सरकार और पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है और पीड़ित परिवार को न्याय से वंचित किया जा रहा है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार आज बेटियों के हत्यारों और बलात्कारियों को संरक्षण देने वाली सरकार बन चुकी है। यह अब छिपा हुआ सच नहीं, बल्कि एक कड़वी हकीकत है। उन्होंने कहा कि शंभू और परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल कांड में साक्ष्य मिटाने, गवाहों को डराने और प्रभावशाली अपराधियों को बचाने के लिए प्रशासन ने खुलकर काम किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल CBI जांच की घोषणा से न्याय नहीं होगा, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के प्रत्यक्ष निर्देशन में समयबद्ध और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
4 फरवरी को जहानाबाद में नीट पीड़िता छात्रा के गांव से शुरू हुई यात्रा 10 फरवरी को पटना पहुंचेगी जहां विधानसभा के समक्ष न्याय मार्च से समापन होगा।
कार्यक्रम में संगीता सिंह, लीला वर्मा, अंजुषा कुमारी, वंदना प्रभा, प्रिया, दीपांकर, माले जिला कमेटी सदस्य रामचंद्र प्रसाद, सिद्धनाथ सिंह, मो. शेरजहां, बालेश्वर प्रसाद यादव समेत रघुनंदन शर्मा, पारो देवी, शिशुपाल कुमार, बरती चौधरी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।












