गया जिला कांग्रेस कमिटी के जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार के अध्यक्षता मे बाबू जगजीवन राम जी की 118वीं जयंती जिला कार्यालय राजेंद्र आश्रम मे मनाई गयी सबसे पहले तैलचित्र पर मालायर्पण किया गया और जगजीवन बाबू अमर रहे, अमर रहे का नारा लगाया गया जगजीवन राम (5 अप्रैल 1908 – 6 जुलाई 1986) भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रमुख दलित नेता और पूर्व उप-प्रधानमंत्री थे। ‘बाबूजी’ के नाम से प्रसिद्ध, उन्होंने 1936 से 1986 तक लगातार 50 वर्षों तक सांसद रहकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। वे देश के पहले श्रम मंत्री और 1971 के युद्ध के समय रक्षा मंत्री थे,जिन्होंने कृषि और रक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जीवन परिचय के मुख्य बिंदु:
जन्म और प्रारंभिक जीवन: इनका जन्म बिहार के भोजपुर जिले के चंदवा गाँव में एक दलित परिवार में हुआ था।शिक्षा: आरा टाउन स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा के बाद, उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और बाद में कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री प्राप्त की।
स्वतंत्रता संग्राम: वे छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे और महात्मा गांधी से प्रेरित होकर दलितों के उत्थान और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष किया।
राजनीतिक करियर:
1936 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने।
आजादी के बादजवाहरलाल नेहरू की कैबिनेट में भारत के सबसे युवा मंत्री बने।
महत्वपूर्ण मंत्रालय: उन्होंने श्रम, रेलवे, खाद्य एवं कृषि, संचार, और रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वे रक्षा मंत्री थे।
1977 में, वे जनता पार्टी सरकार में उप-प्रधानमंत्री बने।
1936 से 1986 तक (50 वर्ष) लगातार संसद सदस्य।हरित क्रांति के दौरान देश के कृषि मंत्री के रूप में उन्होंनेआत्मनिर्भरता में अहम भूमिका निभाई।
श्रम मंत्री के रूप में, उन्होंने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों को लागू किया।
निधन: 6 जुलाई 1986 को नई दिल्ली में उनका निधन हुआ।
बाबू जगजीवन राम ने जीवन भर शोषित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और आधुनिक भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया।
50 साल सांसद रहने का वर्ल्ड रिकॉर्ड, …
जगजीवन राम 1940 से 1977 तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रहे। 1948 से 1977 तक कांग्रेस कार्य समिति में भी शामिल रहे। 1950 से 1977 तक केंद्रीय संसदीय बोर्ड.
बिहार के एक दलित परिवार में जन्मे बाबू जगजीवन राम जी ने अपनी कर्मठता एवं …
जगजीवन राम | भारतीय राजनीतिज्ञ, दलितों के प्रवक्ता
जगजीवन राम (जन्म 5 अप्रैल, 1908, चंदवा, आरा के पास, भारत – मृत्यु 6 जुलाई, 1986, नई दिल्ली) एक भारतीय राजनीतिज्ञ, सरकारी अधिकारी और दलितों के लिए लंबे समय तक
जगजीवन राम की जीवनी – उन्होंने रेलवे, खाद्य एवं कृषि, परिवहन एवं संचार, सिंचाई एवं रक्षा सहित कई अन्य मंत्रालयों का भी कार्यभार संभाला। 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध उनके रक्षा मंत्री…
बाबू जगजीवन रामउन्होंने श्रम से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण कानूनों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई, जैसे औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947; न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948; भारतीय जगजीवन राम: भारत के रक्षा मंत्री कार्यकाल 1977 – 1978 जगजीवन राम: कार्यकाल
जगजीवन राम – भारत का संविधान प्रारंभिक जीवन जगजीवन राम, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘बाबूजी’ के नाम से जाना जाता था, एक दलित नेता थे। उनका जन्म 5 अप्रैल 1908 को बिहार में हुआ था,, इस कार्यक्रम मे रामउदय पासवान, प्रदीप शर्मा, युगल किशोर सिंह, बिधा शर्मा, ओंकार शक्ति, धर्मेंद्र कुमार निराला, रंजीत कुमार सिंह, शिव कुमार चौरसिया,शौकत निशात, मोहम्मद ताजुदिन राजनन्दन सिंह, लाछो देवी,सुनैना रानी,मदीना खातून, अनुमति देवी,गोपाल पासवान, श्रीकांत शर्मा, बर्जेश राय, बिरेन्द्र सिंह,लखन प्रसाद यादव, अर्जुन गुप्ता,चन्दन कुमार, नीलम वर्मा,आनंद कुमार,उदय शंकर पालित, देवेंद्र सिंह,अशोक प्रसाद भारती सहित अनेको कांग्रेसगण शामिल हुए
