Sunday, April 5, 2026
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मोतिहारी के गवंदरा मदरसे में पुलिस की सनसनीखेज छापेमारी: पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद, तीन गिरफ्तार, मदरसा सील; पीएफआई लिंक वाले ठिकाने पर फिर साजिश की आशंका

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), बिहार पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मोतिहारी जिले के चकिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गवंदरा गांव स्थित एक मदरसे में छापेमारी की। गुप्त सूचना पर की गई इस कार्रवाई में एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। मौके पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि पूरे मदरसे को सील कर दिया गया। इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस का दावा है कि मदरसे में हथियारों की खरीद-बिक्री के साथ-साथ किसी बड़ी अपराधिक साजिश की तैयारी चल रही थी।

कार्रवाई का विवरण
चकिया थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मदरसे में हथियारों की खरीद-बिक्री हो रही है और यहां से किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। एसपी स्वर्ण प्रभात के सीधे निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने पूरे परिसर को घेर लिया और सघन तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान एक पिस्तौल तथा एक जिंदा कारतूस जब्त किया गया। बरामद हथियारों को विधिवत सीज कर लिया गया।

मदरसे के मौलवी, केयरटेकर और तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस ने मदरसे में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि पिस्तौल किसने और कब छिपाई थी। एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम को भी मौके पर भेजा गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

पीएफआई कनेक्शन का पुराना साया
यह वही मदरसा है जहां से पहले प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े सदस्य उस्मान उर्फ सुल्तान उर्फ याकूब को चकिया पुलिस और एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उस समय भी यहां से आतंकी गतिविधियों का अंदेशा जताया गया था। पुलिस अब पुराने कनेक्शन को देखते हुए इस मामले को और गंभीरता से ले रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि साजिश के पीछे कौन-कौन शामिल है और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा, “गुप्त सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई। मदरसे को सील कर आगे की जांच चल रही है। संदिग्धों से पूछताछ में जो भी खुलासा होगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस का कहना है कि यह बड़ी सफलता है और अपराधियों के नापाक इरादों पर पानी फेर दिया गया है।

संदिग्ध मदरसों की नियमित जांच जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर सवाल उठा दिया है कि क्या बिहार के कुछ मदरसों को गैरकानूनी गतिविधियों का अड्डा बनाया जा रहा है। राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संदिग्ध मदरसों की नियमित चेकिंग और निगरानी जरूरी है। बिहार सरकार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से हमारी अपील है कि वे इस मामले में सख्त कार्रवाई करें, पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराएं और ऐसे ठिकानों पर लगाम कसने के लिए ठोस कदम उठाएं ताकि भविष्य में कोई बड़ी साजिश न रच सकें। जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।

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