वजीरगंज। प्रखंड के तुलसी विद्या मंदिर सिंगठिया के पूर्व प्रधानाध्यापक 75 वर्षीय श्याम कुमार सिंह के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। उनका निधन पटना के निजी अस्पताल में हो गई, जिसके बाद सोमवार की दोपहर को उनका शव उनके पूर्व इच्छानुसार अर्ध सरकारी विद्यालय तुलसी विद्या मंदिर लाया गया, जहां क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। ग्रामीण सतिश सिंह ने बताया कि वे गया जिला के गुरारू प्रखंड अंतर्गत् कोरमथु के निवासी थे, जिन्होंने सन् 1981 में स्वेच्छा से अपने सरकारी शिक्षक पद से इस्तीफा देकर तुलसी विद्या मंदिर की नींव को संभाला तथा विकास के पथ पर लाते हुए वर्ष 2010 तक विद्यालय को सेवा दी। उन्होंने सफेदपोश भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए 10 माह तक अपने आंखों पर काली पट्टी लगाकर भिक्षाटन करते हुए छ: जिले के सैंकड़ो गांव में भ्रमण कर विद्यालय का अतिरिक्त कक्षा का निर्माण कराया था। उनकी शिक्षा के प्रति सच्ची लगन हम जैसे विद्यार्थियों के लिए अनुकरणिय रहा है। उन्हें लोग प्यार से सिद्धी बाबु कहते थे और उन्हें क्षेत्र के गांधी के रूप में भी जाना जाता था। मौके पर पंचायत मुखिया मुरारी यादव, शिक्षक सोनू कुमार, समाजसेवी शम्भुशरण सिंह, अमरेन्द्र नारायण सिंह, रामाश्रय सिंह, कपील यादव सहीत अन्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि सरकार विद्यालय को पूर्ण रूप से ग्रहण कर सरकारी मान्यता देते हुए विद्यालय का विकास करे, तभी शिक्षा के ऐसे साधक का सपना पूरा हो सकेगा।
