बेलागंज।बेलागंज प्रखंड मुख्यालय के सभागार में आयोजित पंचायत समिति की बैठक इस बार प्रशासनिक सख्ती और योजनाओं की गहन समीक्षा के कारण चर्चा में रही। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहां योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आई अनियमितताओं और जमीनी समस्याओं पर खुलकर बहस हुई।
बैठक के दौरान बीडीओ राघवेंद्र कुमार शर्मा सख्त रुख में नजर आए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए मुखिया और पंचायत समिति सदस्यों के प्रतिनिधि बनकर पहुंचे लोगों को सदन से बाहर किया और कहा कि बैठक में केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की ही भागीदारी मान्य होगी। इसके बाद बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की गई। हालांकि बैठक शुरू होते ही पंचायत समिति सदस्यों ने पूर्व सूचना नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। सदस्यों का कहना था कि समय पर जानकारी नहीं मिलने के कारण कई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हो सके, जिससे जनसमस्याओं को प्रभावी ढंग से रखने में बाधा आई। इस पर नाराजगी भी देखने को मिली।
बैठक के दौरान मनरेगा विभाग की ओर से बताया गया कि पक्के कार्यों की कई योजनाएं पिछले दो वर्षों से लंबित हैं। पदाधिकारी ने स्टाफ की कमी और दो प्रखंडों का अतिरिक्त प्रभार होने की बात कही, लेकिन कार्यों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि 10 फरवरी से हाथीपांव रोग के इलाज एवं रोकथाम के लिए सीएचसी बेलागंज में विशेष कैंप लगाया जाएगा, वहीं 12 मार्च को दिव्यांगता जांच एवं प्रमाणपत्र के लिए शिविर का आयोजन होगा। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। कई विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति, भवन की कमी, मध्याह्न भोजन के मेन्यू में अनियमितता, रासायनिक खाद में अधिक दाम वसूली की शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों ने संज्ञान लेने की बात कही। कृषि पदाधिकारी ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर ही विभागीय कार्रवाई संभव है। बैठक में प्रखंड प्रमुख कांति देवी, उप प्रमुख रमेश दास, मुखिया मनोज शर्मा, रंजीत दास, मुना मालाकार, रेणु देवी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।












