बंद में छात्र, युवाओं एवं न्यायपसंद नागरिकों से शामिल होने की अपील*
*सभी आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा कर सभी FIR वापस लिया जाए*
*आंदोलन पर दमन के जिम्मेदार पुलिस अधिकारी हों बखास्त*
*धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा तक जारी रहेगा आंदोलन*
गयाजी।ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे एवं बिहार में उच्च शिक्षा पर सरकार के हमले के खिलाफ 22 जुलाई के राजभवन मार्च पर बर्बर पुलिसिया दमन एवं गिरफ्तारी पर संगठन ने बिहार बंद का ऐलान किया है।
छात्र संगठन आइसा व युवा संगठन इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने बिहार के छात्र, युवाओं एवं न्याय पसंद नागरिकों से बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की है।
प्रेस बयान जारी करते हुए इंकलाबी नौजवान सभा राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर व आइसा नेता मो. शेरजहां व मुकेश कुमार ने कहा कि राजभवन मार्च के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया, सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं। एक तरफ पुलिसिया दमन किया जा रहा था तो दूसरी तरफ छात्रों को ही गिरफ्तार किया जा रहा है एवं मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।
इस आंदोलन के ज़रिए आइसा–आरवाईए
निम्नलिखित मांगों के लिए लड़ रहा।
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो।
एनटीए को रद्द करो।
NEP 2020 वापस लो।
गिरफ्तार छात्रों को अविलंब रिहा करो एवं पुलिसिया दमन पर रोक लगाओ।
सभी FIR वापस लो।
आंदोलन पर दमन के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को बखास्त करो।
7.5 CGPA की अनिवार्यता खत्म करो। सबको एक समान डिग्री दो।
UG को सरकार के अधीन कर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर हमला नहीं सहेंगे।
बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 निरस्त करने का प्रस्ताव वापस लो।
फीस वृद्धि पर रोक लगाओ।
निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी क्यों? शिक्षा मंत्री जवाब दो।
संगठन ने यह अपील की है कि 25 जुलाई के बिहार बंद के कॉल को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सफल किया जाए।
