Friday, February 27, 2026
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572 करोड़ का बजट पास: गया नगर निगम ने शहर के कायाकल्प की कसी कमर, बुनियादी सुविधाओं से लेकर सौंदर्यीकरण तक पर रहेगा फोकस

गया। गया नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 572 करोड़ 18 लाख 68 हजार 305 रुपये का बजट पारित कर दिया है। शुक्रवार को नगर निगम सभागार में आयोजित सशक्त स्थायी समिति की बैठक में यह बजट प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। बैठक की अध्यक्षता मेयर वीरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने की।
बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया सहित सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद यादव, मनोज कुमार, स्वर्णलता वर्मा, चुन्नू खां, तबस्सुम प्रवीण उपस्थित रहे। बजट पारित होने के बाद अब इसे निगम बोर्ड की बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

“न लाभ, न हानि” का बजट

मेयर गणेश पासवान ने बताया कि यह बजट न लाभ का है और न हानि का। उन्होंने कहा कि बिहार की धार्मिक राजधानी गयाजी को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने और शहर की सूरत बदलने के उद्देश्य से इस बार विकासोन्मुखी बजट तैयार किया गया है। इसमें बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, पर्यावरण, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में कदम

बजट पर चर्चा के दौरान सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई अहम योजनाओं को शामिल किया गया है। 15वें और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल-जीवन-हरियाली मिशन और 12वीं अनुसूची के अंतर्गत चिन्हित विषयों पर बड़े पैमाने पर खर्च किया जाएगा।

इन कार्यों पर रहेगा खास फोकस

प्रस्तावित बजट में शहर के बड़े और छोटे पथों व नालों का निर्माण, जलापूर्ति व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट की स्थापना, ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण और नाला सफाई को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट के निस्तारण, लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना और ऑपरेशन व मेंटेनेंस की व्यवस्था की जाएगी।
सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के गोलंबरों का सौंदर्यीकरण, फाउंटेन और स्क्वायर डेवलपमेंट, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, सर्विलांस सिस्टम और स्मॉग टॉवर के जरिए प्रदूषण नियंत्रण की भी योजना है। सम्राट अशोक भवन के द्वितीय तल्ले का निर्माण, गांधी स्मारक का जीर्णोद्धार और विभिन्न मुख्य पथों पर बस पड़ाव के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

रोजगार और सामाजिक सरोकार
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत कंप्यूटर, सिलाई, पार्लर जैसे प्रशिक्षण देकर हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा वृद्धा आश्रम का संचालन, सभी वार्डों में सामुदायिक भवन (स्लम क्षेत्रों को प्राथमिकता), स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और आवास योजनाओं के तहत नए घरों का निर्माण भी बजट में शामिल है।

कुल मिलाकर, 572 करोड़ रुपये का यह बजट गया शहर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि योजनाएं धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतरीं, तो आने वाले वर्षों में गयाजी की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलती नजर आ सकती हैं।

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