खिजरसराय संवाददाता, गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ओर से महंगाई, बेरोजगारी, कॉरपोरेट परस्त नीतियों, गलत शिक्षा नीति, सांप्रदायिक विभाजनकारी रवैये और लोकतंत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। यह पदयात्रा 6 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। साथ ही कार्यकर्ताओं से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत बिहटा के मांझी टोला से भाकपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जानकी पासवान के नेतृत्व में पदयात्रा शुरू हुई। पदयात्रा बिहटा से निकलकर नौगढ़, कोडिहरा, शेख विगहा, सतामस, गोनरडीह होते हुए पीरविगहा पहुंची।
इस दौरान जानकी पासवान ने कहा कि बिहार समेत देश के 38 जिलों में पदयात्रा कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में नई सैटेलाइट टाउनशिप योजना के नाम पर गरीब किसानों और मजदूरों की जमीन छीनकर कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में युवा और मजदूर पलायन को मजबूर हैं तथा छोटे कारोबारियों को भी उजाड़ा जा रहा है।
पदयात्रा के माध्यम से भाकपा ने सरकार के समक्ष नौ सूत्री मांगें रखीं। इनमें पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर रोक, कॉरपोरेट नीतियों को वापस लेने, छात्रों, युवाओं और महिलाओं को अधिकार दिलाने, सामाजिक अत्याचार रोकने, अधूरे भूमि सुधार कार्य को पूरा करने, बाढ़-सुखाड़ का स्थायी समाधान तथा हत्या, अपराध और महिला हिंसा पर रोक लगाने की मांग शामिल है।
पदयात्रा में सोहन मांझी, रामबालक जमादार, राजेंद्र दास, आदर्श कुमार, केशरी दास सहित दर्जनों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।
