गया में ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने की तैयारी
गया।ग्रीष्मकालीन मौसम को देखते हुए पेयजल की समस्या से निपटने के लिए लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, गया द्वारा विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। शनिवार को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने 24 प्रखंडों में चापाकल मरम्मति के लिए 24 वाहनों के साथ 24 मरम्मति गैंग को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रत्येक मरम्मति दल के वाहन में चापाकल की मरम्मति के लिए आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है। विभाग से लगभग 5500 चापाकलों की मरम्मति का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसे अभियान के दौरान पूरा किया जाएगा।
चापाकलों की मरम्मति के बाद उसकी सत्यता सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट भी किया जाएगा तथा इसकी ऑनलाइन प्रविष्टि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार के वेब पोर्टल पर की जाएगी। खराब चापाकलों की सूची प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं स्थानीय विधायकों से भी प्राप्त की गई है।
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मरम्मति दलों को युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए जिले के सभी खराब चापाकलों की मरम्मति जल्द से जल्द सुनिश्चित करें, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। कनीय अभियंता, सहायक अभियंता तथा कार्यपालक अभियंता द्वारा इसकी सतत निगरानी की जाएगी।
पेयजल से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, गया का नियंत्रण कक्ष 0631-2220611 तथा शेरघाटी का नियंत्रण कक्ष 6326355052 नंबर जारी किया गया है। ग्रामीण इन नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने कहा है कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग जनता की सेवा में सदैव तत्पर है।












