Sunday, March 8, 2026
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मगही के आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आमरण अनशन।

गयाजी। समाजवादी लोक परिषद के बैनर तले गया जी के गांधी मैदान में  आमरण अनशन  शुरू किया गया। संपूर्ण आमरण अनशन कार्यक्रम को वरिष्ठ साहित्यकार महेंद्र प्रसाद देहाती जी के अध्यक्षता में एवं मणिकांत मणि के मंच संचालन में  प्रारंभ किया गया,जिसमें मगही साधिका एवं समाजवादी लोक परिषद के प्रधान महासचिव “ऋचा झा” अन्न जल का त्याग करते हुए आमरण अनशन पर बैठी है। हालांकि सबसे दिलचस्प विषय है कि ऋचा झा जी मुख्य रूप से मिथिला भाषी बेटी हैं, लेकिन मगही भाषा के प्रति उनका समर्पण मगही भाषी हेतु अनुकरणीय और प्रशंसनीय है कारण कि ऋचा झा के साहस और तप मगही के योगदान में अपूर्णीय माना जा सकता है। इस दरम्यान मगही चिंतक डॉ दिलीप कुमार ने कहा कि आमरण अनशन का मुख्य उद्देश्य मगही को अष्टम अनुसूची में शामिल करवाना है।अखिल भारतीय मगही प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष सच्चिदानंद प्रेमी ने कहा कि मगही बुद्ध की भाषा यानी बहुत पुरानी भाषा है जिसे मानक दर्जा मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में समाजवादी लोक परिषद के अध्यक्ष हिमांशु शेखर ने कहा कि लगभग छत्तीस वर्ष तक मगहिया मुख्यमंत्री के कार्यकाल बिहार में रहा है, बावजूद मगही के प्रति सौतेलापन व्यवहार बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है । इस दौरान मगही विभाग मगध यूनिवर्सिटी डॉ किरण शर्मा जी मगही के अष्टम अनुसूची में शामिल करने हेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बहुत मार्मिक और भावनात्मक अपील की हैं। आमरण अनशन के प्रथम दिन बिहार के सभी जिलों से मगही साहित्यकार,मगही प्रेमी उपस्थित थे जिसमें प्रो. अवधेश कुमार सिन्हा, डॉ राम सिंहासन सिंह,डॉ जयनंदन सिंह,पवन तनय, रेल मैन से प्रसिद्ध चंदन वर्मा, संजीत बकथरिया, अरविंद अजांश, गौतम पराशर, रंगकर्मी रजनीकांत, बजरंगी, लोकेश भूषण,पुनम कुमारी, डॉ सुदर्शन शर्मा, डॉ रघुवंशी कुमार मिश्रा, सलोप के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा, युवा अध्यक्ष मुकेश मिश्रा,विकास सिन्हा,विकास सिन्हा,प्रियांशु कुमारी, लवली कुमारी, सावित्री सुमन, धर्मेंद्र रंगकर्मी,डॉ॰ अनुराधा सतेन्द्र मांझी सहित अनेकों कला साहित्य परेमी और रंगकर्मी अपने अपने ढंग से मगही के सम्मान और विकास हेतु उद्धार प्रकट किया।

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