गयाजी।दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के राजनीतिक अध्ययन विभाग द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर के पश्चात भारत की विदेश नीति’ विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इग्नू के प्रोफेसर सतीश कुमार ने ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारत की विदेश नीति के समक्ष आये चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए | उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के पश्चात भारत सरकार द्वारा विदेश नीति के द्वारा उठाये गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि देश ने इन चुनौतियों को स्वीकारते हुए वैश्विक पटल पर अपनी सम्प्रभुता कायम रखी | प्रो सतीश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने विश्व को आंतकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाकर एक बड़ा संदेश दिया है जिसके भविष्य में दुर्गामी परिणाम हासिल होंगे | जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि मुख्य वक्ता के संबोधन से पूर्व स्कूल आफ सोशल साइंसेज और पॉलिसी के डीन प्रोफेसर प्रणव कुमार के शोध निर्देशन में दो शोधार्थी खुशबू कुमारी एवं धर्मेंद्र कुमार ने अपने थीसिस को डिफेंड किया । कुलानुशासक प्रो. प्रणव कुमार ने विदेश नीति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विदेश नीति बहुत ही गतिशील और गंभीर विषय है और विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इस पर जागरूक रहने की आवश्यकता है जिससे इस क्षेत्र में नये ज्ञान का सृजन कर पायें | इस अवसर पर विभाग के अन्य शिक्षक प्रो. प्रवीण कुमार, डॉ अभय कुमार, डॉ सुमित कुमार पाठक और डॉ पवन कुमार सिंह ने भी भाग लिया | साथ ही विभाग और अन्य विभागों के छात्र-छात्राओं ने भी इस संवाद सत्र में भागीदारी दी।












