छपरा। जिले के मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत हथिसार कोरर टोला निवासी राधेश्याम साह की 13 वर्षीय पुत्री की नेत्रदान परिजनों की सहमति से आईजीएमस में किया गया। परिवार वालों की इस फैसले से नेहा अमर हो गई। अब नेहा द्वारा की गई नेत्रदान से दो व्यक्तियों की जीवन में रौशनी होगी, नेहा के परिजनों ने मरणोपरांत नेत्रदान कराकर समाज में नई मिशाल पेश की है। दरअसल छठी की छात्रा नेहा कुमारी को पिछले एक वर्ष से बुखार था धीरे धीरे उसे कई बीमारियों ने अपने चपेट में ले लिया और उसका इलाज पटना आईजीएमएसमें चल रहा था, इसी बीच सोमवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई, और परिजनों की सहमति से आईजीएमएस के उपनिदेशक और आरआईओ के चीफ डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा और आई बैंक प्रभारी डॉ. नीलेश मोहन की देखरेख में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, नेहा की दान की गई आंखों से 2 नेत्रहीनों को दृष्टि मिल सकेगी। नेहा के परिजनों द्वारा नेत्रदान पर परिजनों को लोग ना सिर्फ सांत्वना दे रहे है , बल्कि उनके फैसले पर गर्व भी कर रहे है, साथ ही लोग अब नेहा के परिजनों से प्रेरणा लेकर नेत्रदान करने के लिए लोगों को जागरूक करने की बात कर रहे है।












