बेलागंज। अगस्त क्रांति के दौरान 14 अगस्त 1942 को अंग्रेजों के समान से भरे चांकद रेलवे-स्टेशन को महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित यदुनंदन शर्मा ने हसनपुर गांव निवासी नंद किशोर सिंह के साथ मिलकर आग के हवाले कर दिया था। जिसके कारण अंग्रेजों को लाखो का नुकसान हुआ था। उस अग्नि कांड के 83 साल पूरे होने पर पंडित यदुनंदन शर्मा सेवा आश्रम ट्रस्ट के द्वारा चांकद रेलवे-स्टेशन पर वर्षगाँठ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित शर्मा और नंद किशोर सिंह के चित्र माल्यार्पण कर किया गया। चांकद रेलवे-स्टेशन के अधीक्षक रौशन कुमार को नंद किशोर सिंह के सुपुत्र प्रो. मिथिलेश्वर सिंह ने तिरंगा झंडा और यदुनंदन शर्मा के जीवनी की पुस्तक देकर सम्मानित किया। स्टेशन अधीक्षक ने इसके लिए आभार जताते हुए कहा कि य़ह हमारे लिए भावुक और महत्वपूर्ण क्षण है। देश के आजादी से जुड़े स्थान पर कार्यरत होकर हम गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान के बदौलत देश को अंग्रेजों से मुक्ति मिली। एतिहासिक काल को जिवंत रखने की जिम्मेदारी हम सबों की है। इस दौरान ट्रस्ट के संरक्षक सरोज सिंह उपाध्यक्ष रामप्रवेश सिंह रविशंकर कुमार नितिन कुमार सिंह कुनाल किशोर वसीम अंसारी सहित कई लोग उपस्थित थे।












