Tuesday, March 24, 2026
HomeBiharनवादा विधि महाविद्यालय, नवादा में एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण साइबर अपराध...

नवादा विधि महाविद्यालय, नवादा में एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण साइबर अपराध विषय गोष्ठी का सफल आयोजन किया

गया। गोष्ठी में पुलिस पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं साइबर एक्सपर्ट को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं, उसके कारणों एवं रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर आगंतुक अतिथियों का अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मगध विश्वविद्यालय से संबद्ध नवादा विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.एन. मिश्रा ने की। डॉ मिश्रा ने उन्होंने छात्रों से साइबर जागरूकता अपनाने का आह्वान किया।साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम और जन-जागरूकता के उद्देश्य से गोष्ठी में विधि के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं तथा पुलिस के जवान ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में साइबर अपराध की प्रकृति, उसके दुष्परिणाम और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा करना था। सेमिनारको संबोधित करते डॉ मिश्रा ने गोष्ठी  अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराध आज केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन, इंटरनेट बैंकिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर ठगी, फर्जी कॉल, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर बिना जांच-पड़ताल के प्रतिक्रिया न दें।इस अवसर पुलिस निरीक्षक सह साइबर एक्सपर्ट डॉ राजेश कुमार ने साइबर अपराध की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले में साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष साइबर सेल सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि प्रारंभिक घंटों में की गई एवं विधि के छात्रों एवं पुलिस साइबर कमांडो को विस्तृत रूप से बतलाया गया इस गोष्ठी को साइबर थाना के मनोहर कुमार पुलिस निरीक्षक ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा अपराधियों तक पहुंचना और धन की रिकवरी संभव हो पाती है। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी।
गोष्ठी पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्राची पल्लवी सहित बॉडी गवर्नर डॉ मनीष पंकज मिश्रा डॉ प्रियंका प्रोफेसर क्षमा सिंह प्रोफेसर सपना राजमणि अविनाश कुमार सिंह श्याम किशोर मिश्रा डॉ मिहिर कुमार डॉ शिवकुमार डॉ अविनाश कुमार सिंह डॉ संजीव कुमार अमित कुमार सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।   साइबर अपराध केवल आईटी एक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय दंड संहिता (IPC), अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के कई प्रावधानों के अंतर्गत भी दंडनीय है। उन्होंने कहा कि फर्जी पहचान बनाकर ठगी करना, डिजिटल दस्तावेजों से छेड़छाड़, ऑनलाइन धमकी देना और डेटा चोरी जैसे अपराधों पर कड़ी सजा का प्रावधान है।गोष्ठी के दौरान   साइबर अपराध की रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहला और प्रभावी उपाय जागरूकता है। जब तक आम नागरिक डिजिटल साक्षर नहीं होंगे, तब तक साइबर अपराध पर पूरी तरह रोक लगाना कठिन है। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की सलाह दी इस गोष्ठी को  प्राची पल्लवी अधिवक्ता एबं ताबिश  अहमद अधिवक्ता साइबर एक्सपर्ट पटना हाई कोर्टने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में पीड़ित अक्सर शर्म या डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराते, जो अपराधियों के हौसले बढ़ाता है। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे भविष्य में अधिवक्ता बनकर साइबर अपराध पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करें। साथ ही उन्होंने साइबर कानूनों में निरंतर सुधार और त्वरित न्याय की आवश्यकता पर बल दिया। और कहा कि विधि केविद्यार्थियों की भूमिका केवल अदालत तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सुझाव दिया कि कॉलेज स्तर पर साइबर लॉ क्लिनिक की स्थापना की जाए, जहां आम लोग आकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और नागरिकों ने साइबर अपराध से जुड़े व्यावहारिक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सरल भाषा में उनके उत्तर देकर शंकाओं का समाधान किया। गोष्ठी के समापन पर सभीप्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं सतर्क रहेंगे और दूसरों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। इस प्रकार यह गोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि समाज में डिजिटल सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक  देने में भी सफल रही। धन्यवाद विधि महाविद्यालय के सचिव श्रीमती कलादेवी जी के द्वारा किया गया

Most Popular

error: Content is protected !!