गयाजी।श्री कुणाल, संयुक्त सचिव, युवा मामले एवं खेल, मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऑनलाईन माध्यम से प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की जिला कार्ययोजना से संबंधित समीक्षा किया गया। समीक्षा बैठक में श्री शशांक शुभंकर, जिला पदाधिकारी, गया के साथ कृषि एवं संबद्ध विभाग के जिला, अनुमण्डल एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत 11 विभागों की 36 योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। कृषि विभाग इस योजना का नोडल विभाग है एवं इसके साथ कृषि विज्ञान केन्द्र, पशुपालन, मत्स्य, गव्य एवं डेयरी, सहकारिता, जल संसाधन, भूमि संसाधन, उद्योग, ग्रामीण विकास तथा कौशल विकास की योजनाओं को इसमें सम्मिलित किया गया है। योजना के अनुश्रवण के लिये नीति आयोग द्वारा 119 परफार्मेन्स पारामीटर इंडिकेटर तय किये गये है जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग निर्धारित की जायेगी।
संयुक्त सचिव महोदय ने सभी विभागों को निदेश दिया गया कि आपस मे समन्वय स्थापित कर समेकित रुप से प्रयास करें जिससे प्रभावी रुप से योजनाओं की उपलब्धि प्राप्त की जा सके। उन्होने योजना के लाभार्थी किसानों की आवश्यकता के अनुसार कार्ययोजना बनाने के निदेश दिया इसके लिये प्रखण्ड एवं पंचायत स्तर पर जन चिंतन शिविर आयोजित कराया जाय, इन शिविरों में किसानों की राय लेकर कार्यक्रम निर्धारित किया जाय, जिससे योजना को धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
संयुक्त सचिव, महोदय द्वारा जिला में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के क्रियान्वयन हेतु प्राप्त सुझाव एवं शिकायत को जिला स्तर पर संकलित करते हुये उनको कार्ययोजना में जोड़ने का निदेश दिया गया एवं इसके लिये हेल्पलाईन नंबर जारी करने को कहा गया। जिला कृषि पदाधिकारी, गया द्वारा योजना से संबंधित सलाह, सुझाव एवं शिकायत संबंधी सूचना देने के लिये हेल्पलाईन नंबर – 9031643437 जारी किया।
जिला पदाधिकारी गया ने निदेश दिया कि गया जिला में पोषक अनाज (मिलेट्स), दलहन एवं तिलहन की फसलों की उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने की बहुत संभावना है इसको ध्यान में रखते हुये कार्ययोजना बनाया जाय इस कार्य में जिले के टनकुप्पा प्रखण्ड के मायापुर स्थित मिलेट्स के सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस तथा कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर एवं आमस का सहयोग लिया जाय।












