Thursday, March 26, 2026
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चाकंद रेलवे स्टेशन का स्थिति बद से बदतर, ना तो पार्किंग का व्यवस्था न ही शौचालय बना शोभा की वस्तु का।

बेलागंज।गया रेलवे जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण फिलहाल पटना रूट की मेमू ट्रेनों का संचालन गया के बजाय चाकंद रेलवे स्टेशन से किया जा रहा है। इससे यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था तो मिली है, लेकिन चाकंद स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव ने यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।
चाकंद स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्रियों का कहना है कि यहां यात्री सुविधाएं नाममात्र की हैं। पीने के पानी की व्यवस्था तो किसी तरह मौजूद है, लेकिन शौचालय की स्थिति बेहद जर्जर है। गंदगी और बदहाल हालत के कारण कोई भी यात्री शौचालय का उपयोग करने से बचता है। प्लेटफॉर्म पर बैठने, छांव और साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन के बाहर यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। न तो बाइक स्टैंड की सुविधा है और न ही टेंपो स्टैंड की। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। गया जाने के लिए पहले जहां टेंपो का किराया ₹15 लिया जाता था, वहीं अब ₹30 तक वसूला जा रहा है। यात्रियों का आरोप है कि यह किराया मनमाने ढंग से लिया जा रहा है और कोई तय दर लागू नहीं है। रेलवे किराए को लेकर भी यात्रियों में नाराजगी है। चाहे पटना जाना हो या जहानाबाद, रेलवे द्वारा पहले और अब के भाड़े में कोई अंतर नहीं किया गया है, जबकि यात्रियों को गया स्टेशन की बजाय चाकंद से यात्रा करनी पड़ रही है। सड़क मार्ग से बस का किराया मात्र ₹10 है, लेकिन चाकंद से कोई बस नहीं खुलती। पटना से आने वाली बस में बैठने पर ही ₹10 का किराया लगता है, जिससे स्थानीय यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी होती है।
ऑटो चालकों का कहना है कि चाकंद और गया स्टेशन पर लगने वाली अनावश्यक ठेकेदारी और अवैध वसूली के कारण उन्हें किराया बढ़ाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, गया जंक्शन के निर्माण कार्य का भार चाकंद स्टेशन और आम यात्रियों पर पड़ता दिख रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से जल्द सुविधाएं बहाल करने और किराया व्यवस्था को नियंत्रित करने की मांग की है।

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