बेलागंज।चाकंद मदरसा इस्लामिया में पवित्र माह ए रमजान के दौरान पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज ए तरावीह के मुक्कमल होने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार की रात चाकंद मदरसा में हाफिज मोहम्मद शब्बीर ने मदरसा में तरावीह मुकम्मल हुई, जहां मुल्क की सलामती और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गई। हाफिज मोहम्मद शब्बीर ने तरावीह मुकम्मल कराई। इस अवसर पर मुक्तादियों ने उन्हें फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। यह आयोजन चाकंद मदरसा इस्लामिया में सम्पन्न हुआ।
इस दौरान हाफिज मोहम्मद शब्बीर ने कहा कि पवित्र माह ए रमजान रहमतों, बरकतों और फजीलतों वाला महीना है। इस मुकद्दस महीने में अल्लाह अपने बंदों की एक एक नेकी का सवाब 70 गुना बढ़ा देता है। उन्होंने बताया कि नवाफिल का सवाब सुन्नतों के बराबर और हर सुन्नत का सवाब फर्ज के बराबर होता है इसी तरह सभी फर्ज का सवाब 70 गुना कर दिया जाता है।
हाफिज मोहम्मद शब्बीर ने उपस्थित लोगों से इस महीने में अधिक से अधिक इबादत करने, पांच वक्त नमाज़ पढ़ने और खूब तिलावत करने का आग्रह किया। हाफिज मोहम्मद शब्बीर ने कहा कि तरावीह मुक्कमल होने का यह अर्थ नहीं कि अब तरावीह न पढ़ी जाए। बल्कि पवित्र माह ए रमजान में पूरे महीने तक तरावीह या सुरा तरावीह पढ़ते रहना चाहिए। इसके साथ ही, इस महीने में ज्यादा से ज्यादा गरीबों, यतीमों और मिस्किनो की मदद करनी चाहिए।
तरावीह होने के बाद हाफिज मोहम्मद शब्बीर ने बारगाहे इलाही में दोनों हाथ फैलाकर मुल्क की सलामती, तरक्की और अमन चैन कायम रखने के लिए विशेष दुआएं मांगी गई। इस मौके पर मो. एहतेशाम, तारिक अनवर, मो. मुजीब मुखिया, मो0 जफीर साहेब,हाजी इस्माइल, मो0 वसीम अंसारी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।












