अररिया में शिक्षा का मंदिर एक बार फिर हुआ बदनाम,पूर्व प्रिंसिपल पर वित्तीय अनियमितता के साथ साथ प्रिंसिपल के लेटर पैड के दुरुपयोग का लगा आरोप, लाखों का गवान विभाग के द्वारा केस दर्ज अररिया में अभी संस्कृत विद्यालय में एक परिवार वाद में 45लोगों की नियुक्ति का मामला ठंडा भी नहीं हुआ की दूसरा मामला सामने आ गया जहां रुपए की हेरा फेरी गवन का मामले सामने आ गया
अररिया से अरुण कुमार की एक रिपोर्ट
बच्चो को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ही अगर स्वार्थ से वशीभूत होकर नियम के विरुद्ध कार्य करने लगे तो ऐसे शिक्षकों को क्या कहेंगे।कुछ ऐसा ही मामला अररिया जिले में देखने को मिला है जहां एक पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य ने पद पर नहीं रहते हुए भी खुद को प्रिंसिपल बता दिया।
अररिया के MLDPK यादव कॉलेज में ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है!
अररिया के MLDPK यादव कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल इंदु कुमार सिन्हा पर आरोप है कि पद से हटाए जाने के बावजूद उन्होंने न केवल कॉलेज के आधिकारिक लेटर पैड का दुरुपयोग किया, बल्कि पटना हाई कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर विश्वविद्यालय प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की। MLDPK यादव कॉलेज के नव नियुक्त प्रिंसिपल वकील सिंह ने पत्रकार वार्ता कर पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य पर कई ग़भीर आरोप लगाए है जिसके बाद हर तरफ इस कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल के काले कारनामे की चर्चा हो रही है।नव नियुक्त प्रिंसिपल वकील सिंह ने बताया की 18 जुलाई 2025 को वित्तीय अनियमितताओं के कारण इंदु कुमार सिन्हा को पद से हटाकर मुझे जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन इंदु कुमार सिन्हा ने कॉलेज के रिकॉर्ड्स और संचिकाएं सौंपने के बजाय, फर्जी तरीके से पत्राचार जारी रखा।यही नहीं वो उसके बाद से कॉलेज नहीं आए है लेकिन उनके द्वारा लेटर पैड का इस्तेमाल किया गया जो कि घोर अपराध है।
वकील सिंह ने बताया की सांसद प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के निर्देश पर नगर थाना में कांड संख्या 520/25 के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति पर सख्त कारवाई की वो मांग करते है।
अररिया से अरुण कुमार की रिपोर्ट












