वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई, जांच में लापरवाही पाई गई
वजीरगंज।वजीरगंज थाना में पदस्थापित दारोगा जितेन्द्र पासवान एवं जमीरा बैठाको शराब कारोबारी को पकड़कर छोड़ने के मामले में वरीय पुलिस अधिकारियों ने लाइन हाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर हुई जांच के बाद की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला 9 जुलाईका है। पुलिस ने वजीरगंज थाना क्षेत्र के रेंगना गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे के पास मोटरसाइकिल पर देशी शराब लादकर ले जा रहे एक व्यक्ति को पकड़ा था। आरोप है कि बाद में उसे कथित तौर पर दस्तूरी लेकर छोड़ दिया गया।
इस पूरी घटना का वीडियो गांव के युवक नीतीश कुमार ने बना लिया था। आरोप है कि वीडियो बनाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने दबाव बनाकर नीतीश के मोबाइल से वीडियो डिलीट करवा दिया। हालांकि, वीडियो डिलीट होने से पहले नीतीश ने उसे अपने एक दोस्त के मोबाइल पर भेज दिया था। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
परिजनों के अनुसार, घटना के करीब दस दिन बाद वजीरगंज पुलिस ने आधी रात को अशोक प्रसाद के घर से नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया और उसे 30 लीटर देशी शराब रखने के आरोप में जेल भेज दिया। इस गिरफ्तारी को लेकर उसके दोस्तों एवं परिजनों में नाराजगी थी। इसके बाद शराब कारोबारी को पकड़कर छोड़ने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
सैकड़ों ग्रामीणों एवं परिजनों ने नीतीश पर लगाए गए शराब रखने के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि वह और उसका परिवार शराब का सेवन या कारोबार नहीं करता है। मामले को कई यूट्यूब चैनलों के माध्यम से भी उठाया गया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों ने वायरल वीडियो और पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच में लापरवाही पाए जाने पर दोनों दारोगा को लाइन हाजिर किया गया है। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई जांच के निष्कर्ष के आधार पर होगी।
