गया। बोधगया थाना के एक चर्चित मारपीट कांड की जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक राकेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (मगध क्षेत्र) के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
मामला मोचारिम गांव निवासी रेखा देवी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साधु यादव ने उनके पति हिरालाल यादव के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उन्हें बोधगया पीएचसी से मगध मेडिकल कॉलेज और बाद में आईजीआईएमएस पटना रेफर किया गया था। इस मामले में बोधगया थाना कांड संख्या 462/2026 दर्ज कर प्राथमिकी अभियुक्त साधु यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त की जमानत सुनवाई के समय अनुसंधानकर्ता द्वारा न्यायालय को जख्म जांच प्रतिवेदन और आवश्यक केस डायरी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि इसी वजह से अभियुक्त को जमानत मिल गई। जेल से बाहर आने के बाद अभियुक्त द्वारा पीड़ित पक्ष को धमकी देने की भी शिकायत की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अनुसंधानकर्ता ने कर्तव्य निर्वहन में शिथिलता बरती और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली परिस्थितियां उत्पन्न कीं। इसे गंभीर कदाचार, अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण मानते हुए राकेश कुमार सिंह को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र गया निर्धारित किया गया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश भी दिया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा है कि गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
