बोधगया। बुधवार को मगध विश्वविद्यालय बोधगया ने शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने चार घटक महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति की है। यह नियुक्तियाँ बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की अनुशंसा पर की गई है और राज्यपाल सचिवालय, शिक्षा विभाग तथा विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 के प्रावधानों के अंतर्गत सम्पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई हैं। इस प्रक्रिया में कुलपति प्रो एसपी शाही की सक्रिय भूमिका और नेतृत्व उल्लेखनीय रहा। उन्होंने नियुक्तियों को सुशासन, योग्यता आधारित चयन और शैक्षणिक पुनर्गठन का प्रतीक बताया। योगेन्द्र कुमार को एसएन सिन्हा कॉलेज, टेकारी, डॉ नाज़िर अख्तर को अनुग्रह महाविद्यालय कॉलेज, गया, रामचन्द्र प्रसाद सिंह को एसएमएसजी कॉलेज, शेरघाटी, तथा सीमा पटेल को गौतम बुद्ध महाविद्यालय, गया में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रक्रिया न केवल विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि इससे कॉलेजों में नेतृत्व, अनुशासन और अकादमिक गुणवत्ता भी बेहतर होगी। कुलपति प्रो शाही ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोपरि मानता है और इसी लक्ष्य की पूर्ति हेतु योग्य और अनुभवी प्राचार्यों की बहाली की गई है। इस प्रक्रिया में राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य रिमझिम शील, जिन्होंने प्रत्येक स्तर पर प्रक्रिया की निगरानी और मार्गदर्शन किया। साथ ही, स्थानीय विधायक कुमार सर्वजीत उपस्थित रहे। इन नियुक्त प्राचार्यों को अधिसूचना की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर संबंधित महाविद्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि गया शहर के जीबीएम कॉलेज में एक दशक बाद कोई महिला प्राचार्य की नियुक्ति हुई है। जिससे कॉलेज के शिक्षकों और छात्राओं में खुशी की लहर देखी जा रही है। 2014 से लेकर 2025 तक पुरुष वर्ग ही प्रधानाचार्य के पद को सुशोभित कर रहे थे। इनके मनोनयन पर अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ नगमा शादाब, मनोविज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ शूचि सिन्हा एवं गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ प्रियंका कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महिला कॉलेज में महिला प्राचार्य के नियुक्ति से कॉलेज में छात्राओं से जुड़े सभी शैक्षणिक और विकास कार्य सुचारू रूप से होंगे। ज्ञात हो कि 2014 से लेकर दिसंबर 2017 तक डॉ सत्येंद्र प्रजापति का कार्यकाल रहा।इसके बाद 2018 में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में डॉ उषा राय रही। मार्च 2019 से 2024 तक प्रो जावेद अशरफ़ रहे। इनके सेवानिवृत्ति के बाद 2024 से प्रो सहदेव बाउरी को प्रभारी प्राचार्य पद पर जिम्मेदारी मिली। प्रो सीमा पटेल के मनोनयन पर जगजीवन कॉलेज के प्राचार्य डॉ सत्येंद्र प्रजापति ने हर्ष प्रकट करते हुए बधाई दी है।












