Tuesday, December 16, 2025
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इट्स नॉट स्ट्रेस डेट किल्स अस, इट इज आवर रिएक्शन टू इट, डॉ. चेतना जायसवाल

गयाजी।दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में  नए अकादमिक सत्र 2025-26 की शुरुआत के साथ नए छात्रों को विश्वविद्यालय के संसाधनों से रूबरू करवाने के लिए दीक्षारम्भ ओरिएंटेशन कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं | इसी क्रम में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार पॉलिटिकल स्टडीज डिपार्टमेंट तथा स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए | जन संपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि नए सत्र में नामांकित विद्यार्थियों के लिए पॉलिटिकल स्टडीज डिपार्टमेंट द्वारा “स्ट्रेस मैनेजमेंट” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अभय कुमार, सह प्राध्यापक, पॉलिटिकल स्टडीज के स्वागत भाषण से हुई। सामाजिक अध्ययन संकाय  के डीन व पॉलिटिकल स्टडीज के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रणव कुमार, प्रो. प्रवीण कुमार, डॉ सुमित कुमार पाठक, डॉ. पवन कुमार सहित अन्य प्राध्यापक भी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. चेतना जायसवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ‘तनाव क्या है’, ‘तनाव के कारण’, ‘इसे कैसे पहचाना जाए’, ‘तनाव को कम करने के उपाय’, तथा ‘परीक्षा व अकादमिक तनाव से कैसे निपटें’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने समाजीकरण के प्रभाव, रूढ़िवादिता और पूर्वाग्रह के संदर्भ में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। डॉ. चेतना जायसवाल ने अपने व्याख्यान का समापन हैंस सेली के मशहूर वाक्य “इट्स नॉट स्ट्रेस डेट किल्स अस, इट इज आवर रिएक्शन टू इट” से किया |

वहीं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में एक अन्य कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें डीन प्रो. सुब्रमण्यम षणमुगम ने छात्रों को अपनी सीखने की यात्रा की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया। कॉमर्स एंड बिज़नेस स्टडीज के विभागाध्यक्ष प्रो. ब्रजेश कुमार ने विश्वविद्यालय जीवन में एक नए दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभाग की मेंटरशिप प्रणाली के बारे में बताया, जिसे छात्रों को एक समग्र वातावरण में शैक्षणिक और भावनात्मक रूप से विकसित होने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डॉ. राजनारायणन संबंदम, सह प्राध्यापक, कॉमर्स ने छात्र जीवन में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ज़ोर दिया।आगे डॉ. पावस कुमार, सहायक प्राध्यापक, कॉमर्स ने नए वातावरण में कैसे ढलना है, इस बारे में बात की। डॉ. रचना विश्वकर्मा, सहायक प्राध्यापक, कॉमर्स ने सुरक्षा उपायों और विश्वविद्यालय के अनुशासनात्मक ढांचे का परिचय दिया | डॉ. प्रदीप राम, सहायक प्राध्यापक, कॉमर्स ने छात्रों को पुस्तकालय प्रणाली के बारे में मार्गदर्शन दिया। सत्र के समापन में  श्रीमती रेणु ( सहायक प्राध्यापक, कॉमर्स), चीफ वार्डन गर्ल्स हॉस्टल ने छात्रों को छात्रावास जीवन, आवासीय नियमों और छात्रावासों में आराम और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

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