गयाजी। समंदर की लहरों से उठकर दुनिया के 74 देशों के नौसैनिक आज शांति की तलाश में बोधगया पहुंचे।
करीब 327 विदेशी नौसैनिक अधिकारी और जवान। जगह वही, जहां सत्ता नहीं, सत्य की जीत हुई थी। जहां राज नहीं, ज्ञान मिला था।
अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम MILAN-26 के तहत ये प्रतिनिधिमंडल आज विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर पहुंचा।
परंपरागत स्वागत हुआ। खादा ओढ़ाया गया। फिर सभी को उस पवित्र बोधि वृक्ष तक ले जाया गया, जहां सिद्धार्थ, बुद्ध बने थे।
उन्हें बताया गया—शक्ति से ज्यादा स्थायी है शांति। प्रतिस्पर्धा से ज्यादा जरूरी है सहअस्तित्व।
और शायद यही संदेश आज की दुनिया को सबसे ज्यादा चाहिए।
समंदर की सुरक्षा करने वाले इन अधिकारियों ने भी माना—यह अनुभव सिर्फ एक यात्रा नहीं, एक एहसास था।
एक ऐसा ठहराव, जो भीतर तक उतर जाता है।












