गया। गंभीर आपराधिक मामले में कर्तव्य के प्रति प्रथमदृष्टया लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में पंचानपुर थाना के थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गया के निर्देश पर की गई है।
मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़े गंभीर आरोपों से संबंधित है। परिजनों के अनुसार, लड़की 6 अगस्त को घर से बाजार जाने के बाद लापता हो गई थी। 7 अगस्त को पंचानपुर थाना में शिकायत दी गई। बाद में लड़की के घर लौटने पर उसने एक युवक पर डरा-धमकाकर अपने साथ ले जाने और रातभर गलत काम करने का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस से शिकायत की गई।
जांच में प्रथमदृष्टया सामने आया कि गंभीर आरोपों की सूचना के बावजूद समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। आरोपी को 8 अगस्त को बाजार से थाना लाया गया, लेकिन थाना दैनिकी में इसकी प्रविष्टि नहीं की गई और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना उसे छोड़ दिया गया।
मामले में पु०अ०नि०-सह-थानाध्यक्ष पद्माकर उपाध्याय, प्रभारी थानाध्यक्ष पु०अ०नि० नगिना उराँव और पु०स०अ०नि० संतोष कुमार को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया गया है। विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने का आदेश दिया गया है।
आईजी ने स्पष्ट किया कि गंभीर आपराधिक मामलों में लापरवाही या प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
