बेलागंज।बेलागंज प्रखंड के नीमचक गांव में मंगलवार को बिहार लेनिन के नाम से प्रसिद्ध शहीद जगदेव प्रसाद का 52वां शहादत दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जुटे। कार्यक्रम में शहीद जगदेव प्रसाद के पुत्र एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि कुशवाहा ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जगदेव प्रसाद के संघर्ष, विचारों और सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक सह समाजसेवी अजय कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन पूर्व मुखिया सह जदयू नेता धनंजय कुमार ने किया। अगंधा पंचायत के मुखिया राजीव कुमार निराला के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद जगदेव प्रसाद की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षों को स्मरण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जगदेव प्रसाद ने अपने पूरे जीवन में गरीबों, पिछड़ों, दलितों, शोषितों और समाज के दबे-कुचले वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक असमानता के खिलाफ आवाज बुलंद की और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को सम्मान एवं अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन किया। यही कारण है कि उन्हें बिहार लेनिन के नाम से जाना जाता है। वक्ताओं ने कहा कि जगदेव बाबू का संघर्ष किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं था, बल्कि उनका सपना ऐसा समाज बनाने का था, जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले। आज के समय में उनके विचारों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। युवाओं को उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय और समानता के लिए काम करने की जरूरत है। समारोह को पूर्व विधायक कृष्णनंदन यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, टिकारी विधायक अजय कुमार दांगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, मनोज कुशवाहा, अजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने जगदेव प्रसाद के राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता और व्यवस्था के दबाव की परवाह किए बिना वंचित समाज की आवाज को मजबूती से उठाया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। रोहतास की लोक गायिका सलोनी कुमारी और स्थानीय लोक कलाकार श्रवण कुमार ने एक से बढ़कर एक लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुति पर उपस्थित श्रोता झूमते नजर आए। देर तक चले कार्यक्रम में लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक समर्थकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक वर्ष जगदेव प्रसाद की शहादत दिवस पर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को उनके संघर्षों से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।
