Wednesday, August 26, 2026
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छात्र युवा संसद का पोस्टर जारी, 29 अगस्त को गांधी मैदान में जुटेंगे सैंकड़ों छात्र

बिहार की बदहाल शिक्षा, परीक्षा में धांधली और बेरोजगारी के खिलाफ होगा निर्णायक आंदोलन*

गयाजी।बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, फीस वृद्धि, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमले और छात्र-युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर बढ़ते दमन के खिलाफ Gen Z Rising – बिहार चैप्टर के तहत 29 अगस्त को गया के गांधी मंडप, गांधी मैदान में होने वाले छात्र युवा संसद का आज पोस्टर जारी किया।

छात्र युवा संसद में गया समेत जहानाबाद, अरवल व औरंगाबाद से भी सैंकड़ों छात्र युवाओं की भागीदारी रहेगी।

गया कॉलेज खेल परिसर में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और इंकलाबी नौजवान सभा के नेताओं ने पोस्टर जारी करते हुए कहा कि बिहार के हर विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान से सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार शिक्षा और युवाओं के भविष्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। नेताओं ने सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में पर्याप्त कक्षाएं, कंप्यूटर और प्रयोगशालाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

मिड-डे मील में गड़बड़ी, स्कूलों के बंद होने और शिक्षकों की कमी से लेकर बुनियादी सुविधाओं के अभाव तक, बिहार की शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में है।

पिछले कई महीनों से देशभर में शिक्षा और रोजगार के सवालों पर व्यापक आंदोलन चल रहा है। जंतर-मंतर के आंदोलन से लेकर बिहार के गांवों और जिलों तक छात्रों और युवाओं की आवाज पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही तय करनी होगी।

सेशन में देरी, समय पर डिग्री नहीं मिलना, फीस वृद्धि, परीक्षाओं में गड़बड़ी और घूसखोरी जैसे सवालों के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की बदहाली भी गंभीर मुद्दा है।

स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक बिहार की पूरी व्यवस्था को सरकार ने बदहाल कर दिया है। परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं और रोजगार के सवाल को लगातार निजी कंपनियों के हवाले किया जा रहा है। सरकार स्कूल और कॉलेज खोलने के नाम पर केवल इमारतों को भगवा रंग में रंगने में लगी है, जबकि लाइब्रेरी, प्रयोगशालाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं।

रोजगार की स्थिति इतनी खराब है कि बिहार के युवा बड़े पैमाने पर पलायन करने को मजबूर हैं। कई जगह नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पैसे की वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। चार कमरों में डिग्री कॉलेज चलाना बिहार के युवाओं के भविष्य के साथ मजाक है।

इस मौके पर इंकलाबी नौजवान सभा राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर, आइसा राज्य अध्यक्ष धनंजय, चित्तरंजन कुमार, मोहम्मद तारिक अनवर व मुकेश कुमार समेत कई छात्र मौजूद थे।

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