गयाजी।बड़की डेल्हा-खरखुरा रोड स्थित गयाजी की सिद्ध काव्य वाटिका में 69वीं कवि गोष्ठी का आयोजन प्रसिद्ध कवि अरुणोदय मिश्र की अध्यक्षता में उल्लासपूर्ण माहौल में किया गया। कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर साहित्यप्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया। गोष्ठी में श्रीकांत पाठक ने ‘ज्ञान गंगा’, श्रीमोहन मिश्र ने ‘पेट बड़ा शैतान’, मदन पाठक ने ‘बाजे बंशी श्याम की’, अजय कुमार शास्त्री ने ‘नइकी बहुरिया’, आमोद कुमार मिश्र ने ‘मनुष्य को उठने का प्रयास’, रणजीत शर्मा ने ‘परीक्षा’, पीयूष पाठक ने ‘राम क्या हैं’ और वरिष्ठ साहित्यकार नंद किशोर सिंह ने ‘सरकार’ शीर्षक रचनाएं प्रस्तुत की। कवियों की विविध विषयों पर आधारित रचनाओं को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। ब्रजभूषण संस्कृत महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि साहित्यिक और काव्य आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच विकसित होती है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति, भाषा और साहित्य से जोड़ने के साथ समाज को सही दिशा देने का भी काम करते हैं। कार्यक्रम का संचालन कवि अभयानंद मिश्र ने किया। उन्होंने ‘आंधी अजब है, बहे जा रहे हैं’ कविता की प्रस्तुति से गोष्ठी को नई ऊर्जा दी और इसके बाद अध्यक्ष अरुणोदय मिश्र को अपनी चर्चित कविता ‘हिम्मत कर बढ़ते रहना’ प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया। अध्यक्ष की कविता के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर प्रभु प्रजापति, दशरथ प्रसाद, रामजी प्रसाद, गौरव तिवारी, त्रिगुणानंद, शिक्षक प्रभानंद मिश्र, सौरव कुमार सहित कई साहित्यप्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।






