खिजरसराय की बीडीओ पूजा गहलौत का अनोखा पहल, मध्य विद्यालय सरैया में करीब एक घंटे तक बच्चों को पढ़ाया, शिक्षा की गुणवत्ता और एमडीएम व्यवस्था का भी लिया जायजा
खिजरसराय (गया)। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर खिजरसराय की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) पूजा गहलौत का एक अलग ही रूप देखने को मिला। शुक्रवार को उन्होंने मध्य विद्यालय सरैया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वे अधिकारी की भूमिका तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि स्वयं शिक्षिका बनकर बच्चों के बीच पहुंचीं और करीब एक घंटे तक कक्षा का संचालन किया।
बीडीओ ने विद्यार्थियों को बेहद सरल और रोचक तरीके से भारतीय संविधान, लोकतंत्र, कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे, उनके उत्तर सुने और सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उनकी संवादात्मक शैली से बच्चे पूरे समय उत्साहित होकर पढ़ाई में शामिल रहे।
कक्षा के दौरान उन्होंने बच्चों से कहा कि “बड़ी सफलता का आधार अच्छी शिक्षा, अनुशासन और निरंतर मेहनत है। हर बच्चे में आगे बढ़ने की क्षमता है, बस उसे सही दिशा और निरंतर प्रयास की जरूरत है।”
शिक्षण कार्य के बाद बीडीओ ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और बच्चों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना की भी जांच की। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का आकलन करने के लिए उन्होंने बच्चों के साथ पंक्ति में बैठकर वही भोजन किया जो विद्यार्थियों को परोसा जा रहा था। इस दौरान उन्होंने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता, पढ़ाई और विद्यालय की व्यवस्थाओं के बारे में भी बातचीत की।
बीडीओ ने कहा कि सरकारी विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला हैं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक मध्याह्न भोजन उपलब्ध हो, ताकि बच्चों का शैक्षणिक और मानसिक विकास बेहतर ढंग से हो सके।
बीडीओ पूजा गहलौत के इस अनूठे प्रयास की विद्यालय परिवार, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। बच्चों ने भी उनके साथ बिताए समय को यादगार बताते हुए खुशी व्यक्त की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, रसोइया तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
